कोलकाता: कोलकाता के चर्चित लॉ कॉलेज गैंगरेप केस में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉलेज के सिक्योरिटी गार्ड, 55 वर्षीय पिनाकी बनर्जी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के वक्त वह कॉलेज परिसर में ड्यूटी पर मौजूद था। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक कुल चार लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में गार्ड की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए थे। कसबा थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित छात्रा ने आरोप लगाया कि जब मुख्य आरोपी और उसके साथी आरोपियों ने गार्ड रूम में मौजूद गार्ड को बाहर जाने को कहा, तो उसने बिना किसी सवाल के वैसा ही किया। छात्रा का कहना है कि उसने गार्ड से मदद की गुहार भी लगाई, लेकिन उसने मना कर दिया।
कोलकाता पुलिस ने अब इस मामले में चौथे आरोपी के रूप में पिनाकी बनर्जी को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले मुख्य आरोपी मोनोजित मिश्रा, और उसके साथी जैब अहमद और प्रमित मुखर्जी को पहले ही गिरफ्तार कर 1 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।
कोलकाता पुलिस ने कहा है कि इस संवेदनशील मामले में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की जा रही है, और लोगों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाहों से बचें।
मोनोजित मिश्रा को सत्तारूढ़ टीएमसी की छात्र इकाई से जुड़ा बताया जा रहा है, जिससे मामला और भी राजनीतिक तूल पकड़ गया है। विपक्षी पार्टी बीजेपी लगातार इस मुद्दे पर टीएमसी को घेर रही है।
इस बीच, आरजी कर मेडिकल कॉलेज हत्याकांड में मारी गई जूनियर डॉक्टर के माता-पिता ने भी लॉ कॉलेज केस पर प्रतिक्रिया दी है। डॉक्टर की मां ने चिंता जताते हुए कहा, “जैसे हमारी बेटी के मामले में आरोपियों को बचाने की कोशिश हुई थी, वैसे ही यहां भी वैसा होने का खतरा है। लॉ छात्रा के माता-पिता को लंबी कानूनी लड़ाई के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि आरोपी प्रभावशाली लोगों से जुड़े हैं।”
घटना ने राज्य में महिला सुरक्षा, न्याय प्रक्रिया और सत्ता से जुड़े लोगों के दखल को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।