नई दिल्ली: भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोला है और उन्हें अपना नाम बदलकर ‘इलेक्शन गांधी’ रखने की सलाह दी है। यह टिपण्णी उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस द्वारा पिछड़े वर्गों से किए गए वादों को पूरा न करने के लिए की।
केटीआर ने कहा कि कांग्रेस की पिछड़े वर्गों से संबंधित घोषणा पूरी तरह से झूठी थी। उन्होंने इसे 100% झूठ बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए झूठ फैलाया। केटीआर ने विधानसभा सत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “कांग्रेस सरकार ने पिछड़ा वर्ग से संबंधित घोषणा के नाम पर बेशर्मी से झूठ फैलाया।”
‘झूठ! बहुत झूठ!’ केटी रामाराव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “झूठ! बहुत झूठ! झूठ के अलावा कुछ नहीं! कल के विधानसभा सत्र ने तेलंगाना के लोगों को दो बातें साफ कर दीं – एक विफल सरकार, जिसमें कोई स्पष्टता नहीं है, और झूठ जो आपने पिछड़े वर्गों से संबंधित घोषणा के नाम पर बेशर्मी से फैलाया।”
क्या था मामला? केटीआर ने विधानसभा में पेश जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “आपका कभी इरादा नहीं था कि पिछड़े वर्गों के आरक्षण को बढ़ाने की दिशा में काम किया जाए। कांग्रेस का यू-टर्न लेना और फिर बेशर्मी से केंद्र सरकार पर जिम्मेदारी डालना यह दिखाता है कि उनकी प्रतिबद्धता महज दिखावा था।”
कांग्रेस की घोषणा केटीआर ने राहुल गांधी को उनकी पिछड़े वर्गों के प्रति की गई घोषणा को लेकर निशाना साधते हुए कहा, “आपको अपना नाम बदलकर ‘इलेक्शन गांधी’ रख लेना चाहिए। आपकी पिछड़े वर्गों के लिए की गई घोषणा पूरी तरह से झूठी है और आपकी प्रतिबद्धता केवल दिखावा है।”
विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने कामारेड्डी में एक घोषणा की थी, जिसमें सत्ता में आने के छह महीने के भीतर स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्ग के आरक्षण को 23% से बढ़ाकर 42% करने का वादा किया था। इसके साथ ही, सरकारी सिविल निर्माण और रखरखाव अनुबंधों में भी पिछड़े वर्ग के लिए 42% आरक्षण देने की बात की गई थी।
केटी रामाराव ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह 42 प्रतिशत आरक्षण के लिए विधेयक पेश करने में विफल रही और पिछड़े वर्ग को धोखा दिया।