लालू यादव जन्मदिन विवाद: बाबा साहेब की तस्वीर के ‘अपमान’ को लेकर बवाल, NDA ने घेरा

Lalu Yadav birthday controversy: Ruckus over 'insult' of Baba Saheb's photo, NDA surrounded him

पटना/नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव अपने 78वें जन्मदिन के जश्न के चलते एक बड़े विवाद में फंस गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दिख रहा है कि लालू यादव के जन्मदिन समारोह के दौरान एक व्यक्ति बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर को उनके पैरों के पास रखता है और फिर हटाता है। इस दृश्य ने सियासी गलियारों में आलोचना का तूफान खड़ा कर दिया है।

विपक्ष का आरोप – “बाबा साहेब का अपमान”
NDA और बीजेपी नेताओं ने इस वीडियो को लेकर लालू प्रसाद यादव पर भीमराव अंबेडकर के अपमान का आरोप लगाया है। बिहार सरकार में मंत्री कृष्णनन्दन पासवान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

“लालू प्रसाद को इस पाप की सजा जरूर मिलेगी। तेजस्वी यादव को अब दलित बस्तियों में घुसने नहीं दिया जाएगा। बाबा साहेब कोई साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि दलित समाज के मसीहा थे।”

बीजेपी की मांग – “माफी मांगें या दर्ज हो मुकदमा”
मोतिहारी में बैठक के दौरान बीजेपी सांसद संजय जयसवाल ने भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:

“लालू यादव ने सार्वजनिक रूप से दलित समाज का अपमान किया है। उन्हें माफी मांगनी चाहिए, नहीं तो भारत सरकार को उनके खिलाफ केस दर्ज करना चाहिए।”

जन्मदिन पर दिखा ‘दरबारी अंदाज़’
11 जून को लालू प्रसाद यादव का जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाया गया। राबड़ी देवी आवास को सजाया गया, लालू यादव को राजा-महाराजा की तरह सिंहासननुमा कुर्सी पर बैठाया गया और 78 किलो का केक तलवार से काटा गया।

इस दरबारी माहौल के बीच एक ऐसा क्षण कैमरे में कैद हो गया, जब एक कार्यकर्ता बाबा साहेब की तस्वीर लेकर लालू यादव के पास पहुंचा और उसे उनके पैरों के पास रख दिया। इस दौरान लालू ने पैर हटाना तक जरूरी नहीं समझा, जिससे ये आरोप लगने लगे कि उन्होंने संविधान निर्माता का अपमान किया है।

बीजेपी का हमला – “अहंकार में चूर लालू परिवार”
भाजपा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा:

“लालू प्रसाद जी और उनके परिवार का अहंकारी आचरण तो सब जानते हैं। मगर अहंकार में चूर होकर लालू जी पूज्य बाबा साहब अंबेडकर का ऐसा अपमान करेंगे? शर्म करो लालू परिवार!”

अब तक चुप RJD
विवाद के तीन दिन बाद वीडियो सामने आने के बावजूद अब तक RJD की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी गई है। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह मुद्दा राजनीतिक रूप से तूल दिया जा रहा है और अहसास के बिना हुआ कृत्य है।

निष्कर्ष:
लालू यादव के जन्मदिन के मौके पर हुआ यह घटनाक्रम अब राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, जिससे तेजस्वी यादव की छवि पर भी असर पड़ सकता है, खासकर दलित समुदाय के बीच। आने वाले दिनों में इस विवाद का राजनीतिक ताप और बढ़ सकता है।

ये खबरें भी अवश्य पढ़े

Leave a Comment