बिहार: नई सरकार के गठन के बाद अतिक्रमण के खिलाफ छेड़ी गई सख़्त मुहिम अब सुपौल तक पहुँच चुकी है। सोमवार को सुपौल जिला प्रशासन ने शहर के मुख्य बाज़ार में व्यापक अभियान चलाते हुए कई स्थानों से अवैध कब्जे हटाए।
सुबह से शुरू हुआ अभियान, बुलडोज़र और पुलिस बल तैनात
एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम सुबह ही बुलडोज़र और पर्याप्त पुलिस बल के साथ बाज़ार पहुँची और सड़क किनारे बने अवैध निर्माण व कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
एसडीएम इंद्रवीर कुमार ने बताया कि शहर में लगातार बढ़ रहे जाम को देखते हुए यह कार्रवाई अब जरूरी हो गई थी।
बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरे हालात
एसडीएम ने बताया कि व्यापार संघ, ई-रिक्शा संघ और अन्य पक्षों के साथ पिछले कई महीनों से बैठकें की गई थीं। बार-बार चेतावनी दी गई थी कि—
- सड़क पर अतिक्रमण,
- दुकानों के बाहर सामान फैलाकर रास्ता घेरना,
- वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग
—किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिर भी सुधार न होने पर प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।
ई-रिक्शा संचालन और अवैध वाहनों पर भी सख़्ती
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि बिना नंबर वाले ई-रिक्शा, नाबालिग चालक, और बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों पर भी सख़्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अव्यवस्थित पार्किंग और नियमों की अनदेखी के कारण शहर में रोजाना जाम की स्थिति बन रही थी, जिससे आम लोग परेशान थे।
सामान जब्त, जुर्माना वसूली—अभियान जारी रहेगा
अभियान के दौरान कई दुकानों के बाहर फैला सामान जब्त किया गया और अवैध अतिक्रमण हटाए गए। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों से जुर्माना भी वसूला गया। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि यह एक दिन की कार्रवाई नहीं है—शहर को स्थायी रूप से अतिक्रमणमुक्त बनाने के लिए यह अभियान आगे भी चलता रहेगा।
लोगों ने बताया स्वागतयोग्य कदम
कार्रवाई से बाज़ार में हलचल जरूर रही, लेकिन अधिकतर लोगों ने इसे शहर की सुविधा और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यक कदम बताते हुए स्वागत किया। प्रशासन ने नागरिकों और दुकानदारों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और शहर को जाम व अव्यवस्था से मुक्त रखने में सहयोग दें।