पटना: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के एक सरकारी स्कूल में सोमवार (11 फरवरी) को एल्बेंडाजोल की गोली खाने के बाद दो दर्जन से ज्यादा छात्र बीमार पड़ गए। यह घटना मधुबन प्रखंड के कोइलहारा गांव स्थित ‘उत्क्रमित मध्य स्कूल’ में हुई। घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्रों के परिजन घबराए हुए थे, जिसके बाद उन्होंने स्कूल में हंगामा करना शुरू कर दिया और स्कूल शिक्षकों को बंधक बना लिया।
मेडिकल टीम द्वारा इलाज और बच्चों की स्थिति में सुधार
बच्चों की स्थिति को देखते हुए तुरंत एक मेडिकल टीम स्कूल पहुंची और बीमार छात्रों को इलाज के लिए मधुबन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। इलाज के बाद सभी छात्रों की हालत में सुधार देखा गया। स्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में फाइलेरिया बीमारी को रोकने के लिए अभियान चला रहा है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को एल्बेंडाजोल और डीसी फोर्ट की दवा दी जा रही है।
उल्टी और पेट दर्द की शिकायत
सोमवार को दवा लेने के बाद कई बच्चों में उल्टी और पेट दर्द की शिकायत देखने को मिली, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल टीम ने घटना की जानकारी मिलते ही प्रभावित छात्रों को इलाज के लिए भर्ती कराया। जिन बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया उनमें अंशु कुमारी, अदिति कुमारी, ज्योति कुमारी, साहीदा खातून, लाडली प्रवीण, कुसमुन खातून, अन्या प्रवीण, सान्या रानी, रंजन कुमार, साई राजा, नबी हसन, अरबाज आलम और कुदुस आलम शामिल हैं।
कुछ बच्चों की हालत स्थिर, बाकी की निगरानी जारी
इलाज के बाद अधिकतर बच्चों की तबीयत में सुधार हुआ और कुछ को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि, कुछ बच्चे अभी भी डॉक्टरों की निगरानी में हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी इंद्रजीत कुमार ने बताया कि बच्चों की हालत अब स्थिर है और सभी को उचित उपचार दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच
स्वास्थ्य विभाग इस घटना की जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चों की तबीयत खराब होने का कारण दवा के प्रभाव को न झेल पाना था या फिर प्रशासनिक चूक के कारण ऐसा हुआ।