मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी सलीम डोला से जुड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत ईडी ने बुधवार को मुंबई में 8 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
यह कार्रवाई फैसल जावेद शेख और अल्फिया फैसल शेख द्वारा संचालित ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ी अवैध कमाई का पता लगाने के लिए शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि फैसल शेख, कुख्यात ड्रग तस्कर सलीम डोला के माध्यम से एमडी जैसे मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त में शामिल था।
सलीम डोला लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निशाने पर रहा है। उस पर न केवल ड्रग तस्करी, बल्कि अवैध नेटवर्क को वित्तीय सहायता प्रदान करने के भी गंभीर आरोप हैं। मुंबई पुलिस के अनुसार, सलीम डोला दाऊद इब्राहिम के उस विश्वसनीय सर्कल का हिस्सा है, जो भारत में ड्रग तस्करी के नेटवर्क को संचालित करता है। डोला का नाम पहले भी एक ड्रग्स मामले में सामने आया था, जब मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स सेल ने 100 किलोग्राम फेंटानिल ड्रग्स जब्त की थी। इस अवैध कारोबार में सलीम के बेटे ताहिर और भांजे मुस्तफा भी सहयोग करते थे, जिन्हें इस साल जुलाई में आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया।
जून में सलीम डोला के बेटे ताहिर को अबू धाबी से भारत प्रत्यर्पित किया गया। जांच से पता चला कि ताहिर विदेश से इस गैरकानूनी ड्रग कारोबार को संचालित कर रहा था। मुंबई पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने 25 नवंबर 2024 को इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी किया। सीबीआई ने इंटरपोल की अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई (आईपीसीयू) के साथ मिलकर डोला का यूएई में पता लगाया, जहां उसे 27 जनवरी को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद प्रत्यर्पण संधि के तहत उसे भारत लाया गया।