नई दिल्ली/नालंदा: बिहार के नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र स्थित अजयपुर (ढिबरा) गांव में महिला के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का मामला अब लोकसभा तक पहुंच गया है। पूर्णिया के सांसद Rajesh Ranjan उर्फ पप्पू यादव ने सदन में इस घटना को उठाते हुए इसे मानवता को झकझोर देने वाली दरिंदगी करार दिया।
लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि महिला को अर्धनग्न कर सड़कों पर घसीटा गया, जो Manipur में हुई घटनाओं की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि पीड़िता के साथ दुष्कर्म की कोशिश की गई और घटना का वीडियो भी वायरल किया गया, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सांसद ने बताया कि पीड़िता का पति बाहर काम करता है और महिला जब अपना पैसा मांगने गई, तभी कुछ युवकों ने उसके साथ यह जघन्य कृत्य किया। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए शर्मनाक स्थिति है।
पप्पू यादव ने सदन में कहा कि नालंदा की यह घटना किसी एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और न्याय से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर अपराधियों में कानून का डर क्यों खत्म हो रहा है और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
उन्होंने बिहार के विभिन्न जिलों में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हो रही घटनाओं का जिक्र करते हुए इसे सामाजिक और प्रशासनिक विफलता बताया। साथ ही मांग की कि नूरसराय की घटना सहित सभी गंभीर मामलों में स्पीडी ट्रायल की व्यवस्था की जाए, ताकि पीड़िताओं को जल्द न्याय मिल सके।
सांसद ने यह भी सुझाव दिया कि छात्रावासों और संवेदनशील संस्थानों में बच्चियों की सुरक्षा के लिए अलग और कड़े कानून बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन थाना क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं होती हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई, जैसे निलंबन, सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
अपने वक्तव्य में पप्पू यादव ने नालंदा घटना, एक नीट अभ्यर्थी से जुड़े मामले और अन्य गंभीर यौन अपराधों में त्वरित सुनवाई करते हुए दोषियों को कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी सजा ही समाज में बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा का भरोसा कायम कर सकती है।
इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता Raju Danveer ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि पीड़िता को जल्द न्याय मिलना चाहिए और दोषियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने का साहस न कर सके।