नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता संबित पात्रा ने आज दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस और उसके नेताओं पर सेना की वीरता को कमतर आंकने का आरोप लगाया।
संबित पात्रा ने कहा, “अमेरिका के जाने-माने मिलिट्री एक्सपर्ट जॉन स्पेंसर का एक लेख आया है, जिसमें उन्होंने भारत द्वारा विकसित टेक्नोलॉजी और सेना की उपलब्धियों की प्रशंसा की है। उन्होंने बताया है कि कैसे भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक जीत हासिल की और पाकिस्तान के चीन निर्मित हथियार नाकाम साबित हुए। ऐसे में यह लेख हर भारतीय को पढ़ना चाहिए और गर्व महसूस करना चाहिए।”
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी और जयराम रमेश जैसे नेता शुरू से ही सेना की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। पात्रा बोले, “इन लोगों ने शुरू में कहा कि वे सरकार के साथ हैं, लेकिन असलियत यह है कि वे पहले दिन से ही सरकार और सेना के खिलाफ बयान दे रहे हैं। ये ‘सबूत गैंग’ भारतीय सेना की वीरता पर भरोसा नहीं करता।”
जयराम रमेश के एक हालिया बयान पर टिप्पणी करते हुए पात्रा ने कहा, “उन्होंने एक ही सांस में आतंकवादियों और सांसदों की तुलना कर दी। यह बेहद आपत्तिजनक है। जो सांसद विदेश गए हैं, वे भारत का पक्ष रखने गए हैं, न कि घूमने।”
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस शासनकाल पर हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेस के समय आतंकवादियों को सम्मान और तोहफे दिए जाते थे। 26/11 के बाद राहुल गांधी ने पार्टी की थी। अब वही नेता पूछते हैं कि कितने विमान गिरे? क्या यह कोई पूछने वाला सवाल है?”
पात्रा ने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस ध्वस्त किए और उसके प्रमाण सामने रखे गए हैं। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ तक ने भारत की कार्रवाई को स्वीकार किया है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे में कांग्रेस नेता सेना से ‘रिपोर्ट कार्ड’ क्यों मांग रहे हैं?
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जो पाकिस्तान के बब्बर हैं, वो भारत के गब्बर हैं। लेकिन याद रखिए, जय और वीरू ने गब्बर का क्या हश्र किया था। भारत की सेना और जनता गब्बर को भी नहीं छोड़ेगी।”
पात्रा ने कांग्रेस में अंदरूनी फूट का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस दो धड़ों में बंटी है — एक जो पाकिस्तान का समर्थन करता है और दूसरा जो चाहकर भी देश के पक्ष में नहीं बोल पा रहा। “जय हिंद यात्रा को देखकर लगता है जैसे ‘जय पाकिस्तान यात्रा’ हो रही हो,” उन्होंने कटाक्ष किया।
अंत में उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि रोहिंग्या घुसपैठियों को शरण देने का काम उन्होंने ही किया है।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उससे जुड़े राजनीतिक विवादों के बीच आई है, जिसमें भाजपा ने स्पष्ट रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना के सम्मान को लेकर सख्त रुख अपनाया है।