नई दिल्ली : मतदाता सूची संशोधन के लिए समयसीमा बढ़ी, करोड़ों नागरिकों को राहत

New Delhi: Deadline extended for voter list revision, bringing relief to millions of citizens.

नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने उन नागरिकों को बड़ी राहत दी है जो मतदाता सूची में नाम जुड़वाना या उसमें सुधार करवाना चाहते हैं। आयोग ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात समेत छह राज्यों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की समयसीमा बढ़ा दी है। नए शेड्यूल के अनुसार, 11 दिसंबर को समाप्त होने वाली यह प्रक्रिया अब संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) के अनुरोध पर आगे बढ़ा दी गई है। इस निर्णय से उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के करोड़ों मतदाता लाभान्वित होंगे।

सबसे ज्यादा राहत उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को मिली है, जहां एसआईआर प्रक्रिया अब 26 दिसंबर तक चलेगी। यानी यूपी के नागरिकों को दस्तावेज जमा करने और वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए 15 दिनों का अतिरिक्त समय मिल गया है। नए कार्यक्रम के मुताबिक, यूपी में संशोधित प्रविष्टियों का काम 26 दिसंबर, शुक्रवार तक पूरा किया जाएगा और इसके बाद 31 दिसंबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन किया जाएगा। आयोग ने कहा है कि सभी प्रक्रियाओं के बाद वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन 28 फरवरी 2026 को होगा।

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, अन्य राज्यों में भी तारीखें बदली गई हैं। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार में संशोधित प्रविष्टियों की प्रक्रिया अब 18 दिसंबर तक जारी रहेगी, और इसका प्रकाशन 23 दिसंबर को होगा। वहीं, गुजरात और तमिलनाडु के मतदाताओं को 14 दिसंबर तक का समय दिया गया है, जहां वोटर लिस्ट का प्रकाशन 19 दिसंबर को निर्धारित है। इससे पहले 30 नवंबर को भी आयोग ने 12 राज्यों में शेड्यूल एक सप्ताह के लिए बढ़ाया था, ताकि चुनाव से पहले मतदाता सूचियों को पूरी तरह दुरुस्त किया जा सके।

समयसीमा बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन बनाना है। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने आयोग से अनुरोध किया था कि जिला चुनाव अधिकारियों को मृत, स्थानांतरित और लापता मतदाताओं के सत्यापन के लिए अधिक समय दिया जाए। यूपी में करीब 1.88 करोड़ प्रविष्टियां अभी भी ‘अपुष्ट’ श्रेणी में हैं, जिनमें 1.27 करोड़ मतदाता स्थायी रूप से स्थान बदल चुके हैं और लगभग 46 लाख नाम मृतकों के हैं। आयोग का लक्ष्य है कि 31 दिसंबर 2025 से 21 फरवरी 2026 के बीच दावों और आपत्तियों का निपटारा कर सटीक और अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सके।

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