नई दिल्ली: ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर चुनाव आयोग सख्त, CEC बोले – शपथपत्र बिना आरोप निराधार, राहुल गांधी से प्रमाण की मांग

New Delhi: Election Commission strict on allegations of 'vote theft', CEC said – allegations without affidavit are baseless, demand for proof from Rahul Gandhi

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगाए गए ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को किसी निर्वाचन क्षेत्र में गड़बड़ी की शिकायत है, लेकिन वह वहां का मतदाता नहीं है, तो उसे शपथपत्र के माध्यम से गवाही देनी होगी। अन्यथा उसके आरोपों को निराधार माना जाएगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि आयोग को 1.5 लाख मतदाताओं को केवल किसी के आरोप पर बिना प्रमाण के नोटिस जारी करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर राहुल गांधी या उनके सहयोगी आरोपों के समर्थन में शपथपत्र नहीं देते, तो ये दावे खारिज माने जाएंगे।

क्या है मामला?
31 जुलाई को राहुल गांधी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से अधिक ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया था। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव के आंकड़ों के हवाले से यह दावा किया था। इसके बाद कई राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने उनसे अपने आरोपों के समर्थन में शपथपत्र देने की मांग की, जिसे राहुल गांधी ने अस्वीकार कर दिया।

CEC ने विपक्षी दलों पर लगाया आरोप
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल और नेता मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “कुछ लोग आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी तंज कसते हुए कहा कि “सूरज पूर्व से ही उगता है, केवल किसी के कहने से दिशा नहीं बदल जाती।”

बिहार में 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाने का मामला
बिहार में मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख नामों को लेकर भी विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। इस पर CEC ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत ये सभी विवरण जिलाधिकारियों की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिए गए हैं। आयोग ने सभी दलों से आग्रह किया है कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची पर आपत्तियां और दावे दर्ज करें – इसके लिए अभी 15 दिन शेष हैं।

चुनाव आयोग की साख पर हमला: CEC
CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ जैसे आरोप लगाकर एक संवैधानिक संस्था की साख और पारदर्शी प्रक्रिया पर सवाल उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “100 करोड़ से अधिक मतदाताओं की सूची बनाने और उसे निष्पक्ष रूप से संकलित करने वाली संस्था पर आरोप लगाना संविधान का अपमान है।”

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का पलटवार
इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेस ने अपने शासन में वोट चोरी की, अब वही चोर शोर मचा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट की शुद्धता कर रहा है ताकि घुसपैठियों को रोका जा सके। देश की जनता झूठे प्रचार में नहीं आएगी।

निष्कर्ष
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि उनके पास वोट चोरी के पुख्ता सबूत हैं तो वे शपथपत्र के रूप में आयोग या सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करें। अन्यथा यह महज एक राजनीतिक बयानबाजी मानी जाएगी, जो देश की संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाती है। आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि यदि समयसीमा में जवाब नहीं आया, तो राहुल गांधी खुद सवालों के घेरे में होंगे।

ये खबरें भी अवश्य पढ़े

Leave a Comment