नई दिल्ली: सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक प्रधानमंत्री आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई और करीब 40 मिनट तक चली।
बैठक से पहले, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी से रक्षा मंत्रालय में मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान राजनाथ सिंह ने सेना की तैयारी, हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद उठाए गए कदम और सीमा सुरक्षा की स्थिति पर चर्चा की।
इसी दिन, भारत और फ्रांस के बीच नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन विमानों की खरीद का सौदा भी होने वाला था। इस डील से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) ने हाल ही में फ्रांस से 26 राफेल-एम लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी, और अब इस सौदे पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। यह समझौता नई दिल्ली में होगा, जिसमें फ्रांस के रक्षा मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे।
इन सभी घटनाक्रमों के बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके अलावा, पाकिस्तान की सेना द्वारा नियंत्रण रेखा के उस पार की जा रही गोलीबारी के बाद भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। यह गोलीबारी पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद शुरू हुई थी।
रविवार को, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच एक अहम बैठक हुई थी, जो लगभग 40 मिनट तक चली। इस दौरान, जनरल चौहान ने रक्षा मंत्री को आतंकवाद के खात्मे के लिए सैन्य रणनीतियों और तैयारियों से अवगत कराया।
इसके साथ ही, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के डायरेक्टर जनरल दलजीत सिंह चौधरी ने भी रविवार को गृह मंत्रालय में बैठक की, जहां सुरक्षा संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई।
यह बैठकें और घटनाक्रम भारतीय सेना की तैयारियों और सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित थीं।