नई दिल्ली – अपनी कॉमिक अदाकारी से दर्शकों को हंसाने वाले मशहूर अभिनेता राजपाल यादव इस समय निजी जीवन के कठिन दौर से गुजर रहे हैं। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा। सरेंडर से पहले उनका एक भावुक बयान सामने आया, जिसके बाद फिल्म और राजनीतिक जगत से कई लोग उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। फिलहाल अभिनेता पर 9 करोड़ रुपये की देनदारी शेष है।
मदद के लिए बढ़े कई हाथ
राजपाल यादव की आर्थिक सहायता के लिए कई हस्तियों ने समर्थन जताया है। राव इंदरजीत सिंह ने जेम ट्यून्स परिवार की ओर से 1.11 करोड़ रुपये की कानूनी मदद देने की घोषणा की है। जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने 11 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं केआरके (KRK) ने 10 लाख रुपये देने की प्रतिबद्धता जताई है।
फिल्म इंडस्ट्री से सोनू सूद और गुरमीत चौधरी ने भी मदद का भरोसा दिया है, हालांकि उन्होंने सहायता राशि का खुलासा नहीं किया है। अब तक कुल लगभग 1.32 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की जा चुकी है।
महाशिवरात्रि तक रिहाई की कोशिश
राव इंदरजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि उनकी बातचीत राजपाल यादव के छोटे भाई से हुई है। उन्होंने कहा कि यदि 14 फरवरी तक आवश्यक राशि एकत्र नहीं हो पाती है, तो वे स्वयं शेष रकम अदालत में जमा कर देंगे, ताकि महाशिवरात्रि तक अभिनेता की रिहाई सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 तक आंशिक भुगतान किया गया था, लेकिन अभी भी 9 करोड़ रुपये की बड़ी राशि बकाया है, जिसके कारण अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें जेल भेजने का निर्देश दिया।
16 साल पुराना है मामला
यह कानूनी विवाद साल 2010 से जुड़ा है, जब राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म की असफलता के बाद ऋण चुकाने में कठिनाई आई और कई चेक बाउंस हो गए।
साल 2018 में उन्हें इस मामले में दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई गई थी। मामला तब से विभिन्न अदालतों में लंबित रहा। हाल ही में 4 फरवरी 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने सरेंडर की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया और 5 फरवरी को अदालत ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दे दिया, जिसके बाद अभिनेता को हिरासत में ले लिया गया।