नई दिल्ली – केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उसके सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि घटना के समय वे स्वयं भी मौके पर मौजूद थे।
रिजिजू ने कहा कि विपक्ष सदन के भीतर स्पीकर के निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन करता है और बाद में उन पर भेदभाव का आरोप लगाता है। उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि संसद के नियमों को बार-बार तोड़ा जा रहा है। साथ ही उन्होंने स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाने जैसी गंभीर प्रक्रियाओं के दौरान भी निर्धारित नियमों और मानकों का पालन करने की नसीहत दी।
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के 20 से 25 सांसद लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुस गए और उनके साथ अभद्रता की। उन्होंने कहा, “स्पीकर के चैंबर में जाकर अपशब्द कहे गए। इसके बाद स्पीकर की रूलिंग को भी नहीं माना गया। राहुल गांधी कहते हैं कि उन्हें सदन में बोलने के लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं है और वे अपनी मर्जी से बोलेंगे। लेकिन सदन की हर कार्यवाही रिकॉर्ड पर होती है।”
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सदन में कोई भी सदस्य, चाहे वह सांसद हो या प्रधानमंत्री, स्पीकर की अनुमति के बिना नहीं बोल सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेताओं के लिए संसद के नियमों का कोई महत्व नहीं रह गया है।
रिजिजू ने यह भी कहा कि उस समय केसी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता स्पीकर के कक्ष में मौजूद थे और माहौल को शांत करने के बजाय बहस को और बढ़ावा दे रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष स्वभाव से शांत और संयमित व्यक्ति हैं, अन्यथा इस मामले में सख्त कार्रवाई की जा सकती थी।