मुठभेड़ में ढेर हुआ कुख्यात गैंगस्टर डब्लू यादव, कई राज्यों में फैला था अपराध का नेटवर्क

Notorious gangster W Yadav killed in encounter, crime network was spread across many states

हापुड़, उत्तर प्रदेश: बीती रात नोएडा एसटीएफ, बिहार पुलिस और सिंभावली थाना की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े अपराधी को मार गिराया गया। पुलिस ने मुठभेड़ में बिहार के कुख्यात गैंगस्टर डब्लू यादव को ढेर कर दिया। डब्लू यादव की लोकेशन सिंभावली थाना क्षेत्र में मिलने के बाद पुलिस टीमों ने उसे चारों ओर से घेर लिया। इस दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई गोलीबारी में वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

डब्लू यादव बिहार के बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के ज्ञानडोल गांव का निवासी था। पिछले 14–15 वर्षों से वह अपराध की दुनिया में सक्रिय था और बिहार का मोस्ट वांटेड अपराधी माना जाता था। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, लूट, रंगदारी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराधों के कुल 24 मामले दर्ज थे, जिनमें से अकेले साहेबपुर कमाल थाना में 22 केस थे। उस पर ₹50,000 का इनाम भी घोषित था।

डब्लू यादव ने एक संगठित अपराधी गिरोह तैयार कर रखा था, जो जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, हत्या और डकैती जैसी वारदातों को अंजाम देता था। उसका नेटवर्क बिहार के बेगूसराय, मुंगेर से लेकर उत्तर प्रदेश के बलिया तक फैला हुआ था। वह गवाहों को डराकर केस कमजोर करता था, जिससे उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई न हो सके।

हाल ही में 24 मई 2025 को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के नेता राकेश कुमार की अपहरण के बाद हत्या में उसका नाम सामने आया था। इस घटना ने बिहार की राजनीति और कानून व्यवस्था को हिला दिया था। मृतक नेता का शव बालू में गाड़ा हुआ मिला था, जिसके बाद जनता ने बेगूसराय में जोरदार प्रदर्शन किया था।

2017 में भी डब्लू यादव पर एक गवाह की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगा था। उसका इतना खौफ था कि लोग उसका नाम लेने से भी डरते थे। पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वह गवाहों और पीड़ितों को धमका रहा है।

27-28 जुलाई की रात पुलिस को सूचना मिली कि डब्लू यादव हापुड़ के सिंभावली इलाके में छिपा है। इसके बाद तीन एजेंसियों की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन चलाया। घेराबंदी के दौरान डब्लू यादव ने पुलिस पर फायरिंग की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और अंततः मारा गया। घटनास्थल से एक हथियार और कई जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डब्लू यादव की गिरफ्तारी बिहार पुलिस की प्राथमिकता थी और उसकी मौत से एक बड़े अपराध अध्याय का अंत हुआ है।

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