जरूरत से ज्यादा खाना या भूखे रहना पड़ सकता है भारी, जानिए ईटिंग डिसऑर्डर के संकेत और कारण

Overeating or Starving Can Take a Heavy Toll Learn About the Signs and Causes of Eating Disorders.

Eating Disorder: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में फिट और आकर्षक दिखने की चाह कई लोगों को ऐसी आदतों की ओर धकेल देती है, जो धीरे-धीरे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ईटिंग डिसऑर्डर भी ऐसी ही एक गंभीर समस्या है, जिसे अक्सर सामान्य डाइटिंग या खाने-पीने की आदत समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बार-बार जरूरत से ज्यादा खाना या लंबे समय तक खाना छोड़ देना सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल सकता है।

सिर्फ खाने की आदत नहीं, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या

विशेषज्ञों का कहना है कि ईटिंग डिसऑर्डर केवल भोजन से जुड़ी परेशानी नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की भावनाओं, आत्मविश्वास और मानसिक स्थिति से गहराई से जुड़ा विकार है।

नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने भी लोगों को जागरूक करते हुए कहा है कि ईटिंग डिसऑर्डर कोई मामूली समस्या नहीं, बल्कि एक ऐसी खामोश लड़ाई है जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे खुद से दूर होता चला जाता है। कई लोग कैलोरी गिनने और बॉडी इमेज को लेकर इतने परेशान हो जाते हैं कि वे अपनी खुशी, सुकून और आत्मविश्वास तक खो देते हैं।

हर पतला व्यक्ति स्वस्थ हो, यह जरूरी नहीं

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी व्यक्ति के शरीर को देखकर उसके स्वास्थ्य का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए। पतला दिखना हमेशा स्वस्थ होने की निशानी नहीं होता।

जागरूकता अभियान के तहत साझा किए गए संदेश में कहा गया है कि लोगों को दूसरों को जज करने के बजाय समझ और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।

युवाओं में ज्यादा देखने को मिलती है समस्या

विशेषज्ञों के अनुसार, ईटिंग डिसऑर्डर किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह समस्या किशोरों और युवाओं में अधिक देखी जाती है।

डॉ. लक्ष्मी श्रावंती, जो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ हैं, बताती हैं कि इस स्थिति में व्यक्ति का अपने भोजन और शरीर की छवि यानी बॉडी इमेज के साथ रिश्ता अस्वस्थ हो जाता है।

क्या हैं ईटिंग डिसऑर्डर के प्रमुख कारण?

ईटिंग डिसऑर्डर के पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • पतला या “परफेक्ट” दिखने का सामाजिक दबाव
  • आत्मविश्वास की कमी
  • मूड स्विंग्स और भावनात्मक तनाव
  • वजन या लुक्स को लेकर बुलिंग
  • अत्यधिक डाइटिंग करना
  • बार-बार खाना छोड़ने की आदत

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

अगर किसी व्यक्ति में ये बदलाव दिखें, तो सावधान होने की जरूरत है—

  • जरूरत से ज्यादा खाना या लंबे समय तक भूखे रहना
  • वजन और बॉडी इमेज को लेकर अत्यधिक चिंता
  • भोजन को लेकर डर, अपराधबोध या तनाव
  • मूड में लगातार बदलाव
  • आत्मविश्वास में कमी और सामाजिक दूरी बनाना

समय रहते मदद लेना है जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि ईटिंग डिसऑर्डर के संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है। सही सलाह, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परिवार के सहयोग से इस समस्या को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।

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