पटना: अब पटना की सड़कों पर ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को और भी अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी। बिहार पुलिस मुख्यालय ने ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बॉडी वॉर्न कैमरा (Body-Worn Camera) के उपयोग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
एडीजी ट्रैफिक सुधांशु कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यालय की ओर से एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की गई है। इसके तहत अब ड्यूटी पर तैनात हर ट्रैफिक पुलिसकर्मी को अपना बॉडी वॉर्न कैमरा हमेशा चालू (ON) रखना होगा। अगर किसी पुलिसकर्मी पर कोई शिकायत मिलती है और जांच में यह पाया जाता है कि उस वक्त उसका कैमरा बंद था, तो शिकायत को सही मानते हुए उस पर कार्रवाई की जाएगी।
सुधांशु कुमार ने स्पष्ट किया कि यह कदम पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने और जनता के साथ उनके व्यवहार में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने कहा, “अगर किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई शिकायत आती है और जांच में यह पाया जाता है कि उस वक्त उसका कैमरा बंद था, तो यह मामला सत्य माना जाएगा और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
बॉडी वॉर्न कैमरा अब न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को रिकॉर्ड करेगा, बल्कि यह पुलिस और आम जनता के बीच विवाद की स्थिति में एक मजबूत साक्ष्य के रूप में भी काम करेगा। इस नई व्यवस्था से पुलिसकर्मियों को नियमों का पालन करना होगा और किसी भी तरह की मनमानी या दुर्व्यवहार अब छुपाना आसान नहीं होगा।
बिहार पुलिस मुख्यालय का यह कदम निश्चित रूप से पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।