संपत्ति जब्ती के पुलिसिया दावे पर सवाल, चुन्नू ठाकुर मामले में कोर्ट के आदेश से उठा विवाद

Police claims of property seizure questioned; controversy arises from court order in Chunnu Thakur case.

बिहार पुलिस पिछले एक साल से यह दावा करती आ रही है कि राज्य में अपराधियों और माफियाओं की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने नया कानून भी लागू किया है, जिसके तहत संगठित अपराधियों के साथ-साथ बालू और शराब माफियाओं की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है। लेकिन इसी कानून के तहत जिन अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का दावा किया जा रहा है, उनकी सच्चाई कुछ और ही नजर आ रही है।

चुन्नू ठाकुर की संपत्ति जब्ती का मामला
पिछले साल बिहार पुलिस मुख्यालय ने जानकारी दी थी कि अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के कानून के तहत सबसे पहले मुजफ्फरपुर जिले के दो अपराधियों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, मुजफ्फरपुर के राकेश कुमार उर्फ चुन्नू ठाकुर और कुमार रंजन ओमकार की संपत्ति जब्त कर ली गई है।

तीन दिन पहले मुजफ्फरपुर के एसएसपी सुशील कुमार ने मीडिया को बताया कि जिले के इन दोनों कुख्यात अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के लिए कोर्ट से अनुमति मिल गई है। उन्होंने कहा कि संपत्तियों पर जब्ती का बोर्ड लगा दिया गया है और आगे की कार्रवाई जल्द पूरी की जाएगी। साथ ही अन्य अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के लिए भी सूची तैयार की जा रही है।

पुलिस के दावे की हकीकत
हालांकि, पुलिस के इस दावे पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, 2025 के अप्रैल–मई में ही चुन्नू ठाकुर की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके खिलाफ चुन्नू ठाकुर की पत्नी किरण वंदना ने मुजफ्फरपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील संख्या 115/2025 दायर की थी।

अदालत ने लगाई थी रोक
चुन्नू ठाकुर की पत्नी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मुजफ्फरपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 17 जून 2025 को संपत्ति जब्ती पर रोक लगा दी थी। किरण वंदना के वकील मनोज कुमार के अनुसार, जिस संपत्ति को पुलिस जब्त करने की बात कह रही है, वह किरण वंदना के नाम पर दर्ज है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि मामले की अंतिम सुनवाई तक न तो पुलिस संपत्ति जब्त कर सकती है और न ही किरण वंदना उस संपत्ति की बिक्री कर सकती हैं।

कोर्ट का आदेश या पुलिस का दावा?
फिलहाल चुन्नू ठाकुर की संपत्ति जब्ती से जुड़ा मामला मुजफ्फरपुर कोर्ट में लंबित है। ऐसे में कानूनी रूप से न तो सरकार और न ही पुलिस संपत्ति जब्त कर सकती है। इसके बावजूद बिहार पुलिस द्वारा संपत्ति जब्त किए जाने का दावा किया जा रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि पुलिस का दावा सही है या अदालत का आदेश।

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