वेनेजुएला में शनिवार को हुए ताबड़तोड़ हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिका के कब्जे में हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर लिखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ हिरासत में लेकर देश से बाहर ले जाया गया है।”
वहीं वेनेजुएला के रक्षा मंत्री ने इन हमलों को “अपराधपूर्ण सैन्य कार्रवाई” करार देते हुए कहा कि 3 जनवरी की सुबह देश को अमेरिकी सरकार के गंभीर हमले का सामना करना पड़ा है। हालात को देखते हुए वेनेजुएला में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद ड्रग्स तस्करी से जुड़ा है। अमेरिका लंबे समय से वेनेजुएला पर नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप लगाता रहा है और बड़ी कार्रवाई की चेतावनी देता रहा है। इसी क्रम में कैरेबियन सागर क्षेत्र में अमेरिकी गतिविधियां तेज की गई थीं। हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला की तेल कंपनियों और उनसे जुड़े जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाए थे।
ट्रंप प्रशासन ने सीधे तौर पर राष्ट्रपति मादुरो पर ड्रग्स तस्करी को बढ़ावा देने के आरोप लगाए थे। इसके अलावा अमेरिका में मादुरो और उनके परिवार की कथित संपत्तियों को फ्रीज करने का भी फैसला किया गया। दूसरी ओर, वेनेजुएला की राजनीति में अमेरिकी दखल को लेकर भी लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं।
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव का एक बड़ा कारण तेल भी रहा है। वर्ष 1976 में वेनेजुएला सरकार द्वारा तेल उद्योग के राष्ट्रीयकरण के बाद विदेशी कंपनियों के संचालन सरकारी कंपनी पेट्रोलियोस डी वेनेजुएला (PDVSA) के तहत आ गए थे। इससे अमेरिकी हित प्रभावित हुए और दोनों देशों के रिश्तों में लगातार खटास बनी रही।