पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड का सरकारी बंगला सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिलने के बाद मामला अब “महिला सम्मान बनाम दलित प्रतिनिधित्व” की बहस तक पहुंच गया है।
बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने यह बंगला अब बीजेपी कोटे से मंत्री बने नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया है। सरकार चाहती है कि मंत्री जल्द नए आवास में शिफ्ट हों, लेकिन राबड़ी देवी ने बंगला खाली करने से साफ इनकार कर दिया है।
सरकार का दावा- नया आवास पहले ही दिया जा चुका
बिहार सरकार का कहना है कि राबड़ी देवी को पहले ही 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है। भवन निर्माण विभाग के मुताबिक नया बंगला पूरी तरह तैयार है, इसलिए अब 10 सर्कुलर रोड खाली कराया जाना जरूरी है।
“मैं दलित हूं, इसलिए…” — नंदकिशोर राम का बड़ा बयान
इस विवाद में नया राजनीतिक मोड़ तब आया जब मंत्री नंदकिशोर राम ने कहा कि उन्हें लगता है कि मामला सिर्फ आवास का नहीं है। उनका कहना है कि वे दलित समाज से आते हैं और शायद इसी वजह से उन्हें आवंटित बंगला खाली नहीं किया जा रहा।
नंदकिशोर राम ने कहा कि सरकारी आदेश आने के बाद सामान्य रूप से उसका पालन होना चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा। उन्होंने इशारों-इशारों में इसे “दलित पहचान” से जोड़कर बड़ा राजनीतिक सवाल खड़ा कर दिया।
राबड़ी परिवार का पलटवार, तेज प्रताप-रोहिणी भी मैदान में
दूसरी तरफ लालू परिवार भी पूरी तरह आक्रामक रुख में है। तेज प्रताप यादव ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री का आवास खाली कराया जाए, उसके बाद राबड़ी देवी से सवाल पूछा जाए।
राबड़ी देवी की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो प्रशासन बल प्रयोग करके बंगला खाली करा ले। मामले ने अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले लिया है।
प्रशासनिक हलचल तेज, पुलिस-अफसर पहुंचे आवास
सरकारी नोटिस के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी राबड़ी आवास पहुंचे और पूर्व मुख्यमंत्री से बातचीत की। अधिकारियों ने कानूनी स्थिति और नोटिस की जानकारी दी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक राबड़ी देवी ने फिलहाल बंगला छोड़ने से इनकार कर दिया है।
बंगले से ज्यादा सियासी प्रतीक बन चुका है 10 सर्कुलर रोड
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 10 सर्कुलर रोड सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि लालू-राबड़ी परिवार की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। ऐसे में इसे खाली कराने की कार्रवाई प्रशासनिक कम और राजनीतिक ज्यादा दिखाई दे रही है।
इसी वजह से बिहार की राजनीति में अब यह विवाद केवल “बंगला विवाद” नहीं रह गया, बल्कि महिला कार्ड, दलित कार्ड और सत्ता बनाम विपक्ष की नई लड़ाई बन चुका है।