नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 8वें वेतन आयोग के सामने नया प्रस्ताव रखा है, जिसमें अलग-अलग पे लेवल के लिए 5 तरह के फिटमेंट फैक्टर सुझाए गए हैं। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की बेसिक सैलरी में 338% तक बढ़ोतरी हो सकती है।
बताया जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग कर्मचारी संगठनों के साथ चर्चा कर रहा है और IRTSA का यह प्रस्ताव अपने संभावित असर की वजह से चर्चा में है।
क्या है IRTSA का प्रस्ताव?
IRTSA ने सभी कर्मचारियों के लिए एक समान फिटमेंट फैक्टर की बजाय अलग-अलग पे लेवल के हिसाब से अलग फिटमेंट फैक्टर की मांग की है।
प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर इस प्रकार हैं:
- पे लेवल 1–5: 2.92
- पे लेवल 6–8: 3.50
- पे लेवल 9–12: 3.80
- पे लेवल 13–16: 4.09
- पे लेवल 17–18: 4.38
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक (Multiplier) होता है, जिसके आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय की जाती है।
फॉर्मूला:
नई बेसिक सैलरी = मौजूदा बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर
7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था, जबकि अब कर्मचारी संगठन इससे ज्यादा बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।
338% सैलरी बढ़ोतरी का गणित समझिए
सबसे ज्यादा चर्चा पे लेवल 17 और 18 के लिए प्रस्तावित 4.38 फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है, जिसमें केंद्र सरकार के शीर्ष अधिकारी आते हैं।
उदाहरण के तौर पर:
- मौजूदा बेसिक सैलरी: 2,50,000 रुपये प्रति माह
- प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर: 4.38
- संशोधित बेसिक सैलरी: लगभग 10,95,000 रुपये प्रति माह
यानी सिर्फ बेसिक पे में ही करीब 338% तक बढ़ोतरी संभव हो सकती है।
इससे क्या बदल सकता है?
अगर 8वां वेतन आयोग इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो केंद्र सरकार के कर्मचारियों की वेतन संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। साथ ही बेसिक पे बढ़ने के बाद डीए (DA), एचआरए (HRA), ट्रैवल अलाउंस और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी का असर दिखाई दे सकता है।