रांची/पटना: नीट 2024 पेपर लीक मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। गुरुवार सुबह रांची के बरियातू, पटना और बिहार के नालंदा में ईडी की टीमों ने कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।
सूत्रों के मुताबिक, पेपर लीक के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया, उसके रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर ये कार्रवाई की जा रही है। ईडी ने यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग के संदेह में शुरू की है। दरअसल, सीबीआई की जांच में यह सामने आया था कि इस पूरे घोटाले में बड़ी रकम के लेनदेन हुए हैं, जिसके आधार पर ईडी ने इसीआईआर (Enforcement Case Information Report) दर्ज की है।
रांची-पटना में छापेमारी, डॉक्टर बेटा भी रडार पर
ईडी की टीम ने रांची में संजीव मुखिया के करीबी सिंकंदर प्रसाद यादवेंद्र के ठिकाने पर दबिश दी, वहीं पटना में उसके बेटे डॉ. शिव के निवास पर भी छापेमारी की गई। कई दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए जाने की सूचना है।
सीबीआई पहले ही कर चुकी है बड़ी गिरफ्तारियां
गौरतलब है कि नीट-यूजी की परीक्षा मई 2024 में हुई थी, जिसके बाद पेपर लीक की खबरों ने देशभर में हड़कंप मचा दिया था। सबसे पहले पटना की आर्थिक अपराध इकाई ने इसकी जांच शुरू की, जिसे बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया।
इस केस में अब तक सीबीआई ने झारखंड के हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें प्रिंसिपल एहसान उल हक, वाइस प्रिंसिपल मोहम्मद इम्तियाज, एक स्थानीय अखबार के पत्रकार जमालुद्दीन, और गेस्ट हाउस संचालक राजकुमार उर्फ राजू शामिल हैं।
हजारीबाग से हुआ था पेपर लीक
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पेपर हजारीबाग के ओएसिस स्कूल से लीक हुआ और उसे पटना भेजा गया, जहां एक हॉस्टल में कई छात्रों को मोटी रकम लेकर पेपर और उसके उत्तर रटवाए गए।
संजीव मुखिया, जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, को 24-25 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है।
ईडी की ताजा कार्रवाई से साफ है कि अब इस मामले में आर्थिक पहलुओं की गहन जांच शुरू हो चुकी है। आगे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।