पटना: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अंकों की छूट देने के मुद्दे पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शिक्षा विभाग का कहना है कि क्वालीफाइंग मार्क्स में ईडब्ल्यूएस को अलग से 5% छूट देने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जबकि कुछ अभ्यर्थियों और जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि यह समानता के अधिकार के अनुरूप होना चाहिए।
विधानसभा में उठा मुद्दा
विधानसभा में इस विषय को उठाते हुए भाजपा विधायक मिथलेश तिवारी ने संविधान के अनुच्छेद 14 का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कानून के समक्ष समानता सभी का अधिकार है। जब अन्य आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलती है, तो ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को भी क्वालीफाइंग मार्क्स में 5% की राहत मिलनी चाहिए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार STET परीक्षा में ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को 5% रिलैक्सेशन देगी? उनका कहना है कि इस संबंध में हाईकोर्ट का भी आदेश मौजूद है।
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा निर्णय
16 सितंबर 2025 को Patna High Court ने इस मामले में अहम आदेश दिया था। जानकारी के अनुसार, एक छात्र ने राहत के लिए अदालत का रुख किया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निर्देश दिया कि आवेदक अपना आवेदन मुख्य सचिव या अतिरिक्त मुख्य सचिव को सौंपे और राज्य सरकार इस पर उचित निर्णय ले। अदालत ने सरकार को स्पष्ट फैसला लेने का संकेत दिया।
103वां संविधान संशोधन और 10% आरक्षण
विधायक मिथलेश तिवारी ने कहा कि 103वें संविधान संशोधन के तहत ईडब्ल्यूएस वर्ग को 10% आरक्षण का प्रावधान है। उनका तर्क है कि अन्य वर्गों के आरक्षण को प्रभावित किए बिना ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को 5% अंकों की छूट दी जा सकती है। उन्होंने सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
शिक्षा मंत्री का जवाब
इस पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE) में ईडब्ल्यूएस को 10% आरक्षण दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 5% छूट की मांग एक विशेष परीक्षा से संबंधित है।
मंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का अवलोकन किया जाएगा और यह देखा जाएगा कि उसमें कोई स्पष्ट निर्देश है या केवल विचार करने की बात कही गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुख्य सचिव स्तर पर मामले की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। यदि नियमों में संशोधन की आवश्यकता हुई तो उस पर भी विचार किया जाएगा।
अभ्यर्थियों में असमंजस
इधर, अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि जब अन्य वर्गों को नियमानुसार छूट मिलती है, तो ईडब्ल्यूएस वर्ग को भी समान अवसर मिलना चाहिए।
फिलहाल सभी की नजर राज्य सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी है कि वह हाईकोर्ट के निर्देश और संवैधानिक प्रावधानों के तहत क्या कदम उठाती है। साथ ही, सामान्य शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंप्यूटर शिक्षक बहाली की अधिसूचना जारी होने की भी उम्मीद जताई जा रही है।