प्राची महापात्रा की कहानी एक प्रेरणा है। वह ओडिशा के एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं, जिन्होंने विदेश में पढ़ाई की और आज साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक विशेषज्ञ बन चुकी हैं। प्राची सिस्को कंपनी की टॉप लीडरशिप में शामिल हैं और अब वह तकनीकी नवाचार में योगदान देने के लिए भारत लौटने की योजना बना रही हैं।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, प्राची कहती हैं, “मैं हमेशा सीमाओं को आगे बढ़ाने और नई चुनौतियों की तलाश करने के लिए प्रेरित रही हूं। मेरा लक्ष्य हमेशा नेतृत्व के स्तर पर तकनीक और साइबर सुरक्षा की दुनिया में योगदान देना और यह प्रदर्शित करना रहा है।”
सिस्को में सफलता की शुरुआत
2016 में जब प्राची ने सिस्को में बिजनेस एनालिस्ट के तौर पर कदम रखा, तो उनका करियर एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया। महज तीन साल में उन्हें प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर पदोन्नति मिल गई। हालांकि, प्राची ने और भी कुछ बड़ा हासिल करने की ख्वाहिश रखी थी, और इसलिए उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास, अर्लिंग्टन से बिजनेस एनालिटिक्स में एमएस करने का निर्णय लिया।
शिक्षा और करियर की शुरुआत
प्राची ने 2013 में चेन्नई के मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से कंप्यूटर एप्लीकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह बेंगलुरु चली गईं, जहां उन्होंने Amazon में टेक एनालिस्ट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद, उन्होंने अमेरिका में बिजनेस एनालिटिक्स में एमएस करने के लिए ऋण लिया, जिससे उनके करियर को नया दिशा मिली।
प्राची का परिवार आर्मी बैकग्राउंड से है, जो उनके जीवन के प्रति समर्पण और अनुशासन को दर्शाता है।
आज प्राची महापात्रा ने अपनी मेहनत और लगन से वह मुकाम हासिल किया है, जहां से वह अब भारत लौटकर तकनीकी क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की योजना बना रही हैं।