समाजवादी पार्टी ने विधायक पूजा पाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। हाल ही में यूपी विधानसभा में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति की खुलकर तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि अतीक अहमद को खत्म करके सीएम योगी ने उन्हें न्याय दिलाया है। इस बयान के बाद पार्टी में नाराजगी बढ़ी और अब उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया है। लेकिन सवाल है – कौन हैं पूजा पाल और उनकी अतीक से क्या दुश्मनी थी? आइए जानते हैं।
कौन हैं पूजा पाल?
पूजा पाल एक सामान्य परिवार से आती हैं। उनके पिता पंचर की दुकान चलाते थे। पूजा छोटी-मोटी नौकरी करती थीं, तभी उनकी मुलाकात इलाहाबाद पश्चिम से विधायक राजू पाल से हुई और दोनों में प्यार हो गया। 16 जनवरी 2005 को दोनों की शादी हुई, लेकिन यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं रही।
शादी के सिर्फ 9 दिन बाद, 25 जनवरी 2005 को राजू पाल की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्या का आरोप माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों पर लगा। तभी से पूजा पाल ने पति की मौत का बदला लेने और उन्हें न्याय दिलाने का बीड़ा उठाया।
मायावती ने दिया था पहला मौका
राजू पाल की हत्या के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने पूजा पाल को उपचुनाव में टिकट दिया, हालांकि वह हार गईं। इसके बाद उन्होंने 2009 और 2012 में जीत हासिल कर विधानसभा में प्रवेश किया।
2017 में जब उन्होंने केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की, तो मायावती ने उन्हें बसपा से बाहर निकाल दिया। इस पर पूजा ने सफाई दी थी कि वह केवल पति को न्याय दिलाने के लिए मौर्य से मिली थीं।
सपा के टिकट पर बनीं विधायक, अब निष्कासित
2019 में, पूजा पाल ने समाजवादी पार्टी का दामन थामा और चायल सीट (जिला कौशांबी) से चुनाव जीतकर विधायक बनीं।
लेकिन बीते राज्यसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर वोटिंग की थी। तब से उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लग रहे थे। और अब योगी की खुलकर तारीफ करना उन्हें भारी पड़ गया।
अखिलेश यादव ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है।