सारण पहुंचे प्रशांत किशोर, गरखा में जनसभा कर बोले – इस बार वोट नेताओं के नाम पर नहीं, बच्चों के भविष्य के लिए दीजिए

Prashant Kishor reached Saran, addressed a public meeting in Garkha and said – this time vote not in the name of leaders but for the future of children

बिहार: जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर आज अपनी ‘बिहार बदलाव यात्रा’ के तहत सारण जिले के गरखा पहुंचे। यहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया और फिर पत्रकारों से बातचीत में बिहार की कानून व्यवस्था, राजनीतिक नेतृत्व और जनता की जिम्मेदारियों को लेकर तीखे बयान दिए।

लालू यादव पर तंज:
प्रशांत किशोर ने हाल ही में लालू प्रसाद यादव द्वारा बिहार की कानून व्यवस्था पर किए गए ट्वीट को लेकर चुटकी ली। उन्होंने कहा, “लालू जी का अपराध पर बात करना ऐसा है जैसे जंगल का शेर शाकाहारी बनने की बात करे। कोई उन पर भरोसा नहीं करेगा।”

मांझी और नीतीश पर भी साधा निशाना:
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के कानून व्यवस्था पर दिए गए बयान का जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “अगर मांझी जी को बिहार की इतनी चिंता है तो उन्हें पहले केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ देना चाहिए। उन्हें अपने समाज और जनता के लिए काम करना चाहिए, न कि केवल अपने परिवार को टिकट देना।”

नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “बिहार सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है। नीतीश कुमार अब मानसिक और शारीरिक रूप से बिहार के नेतृत्व के लायक नहीं हैं।”

जनता से अपील:
गरखा की जनसभा में प्रशांत किशोर ने लोगों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अगली बार वोट किसी नेता के नाम पर नहीं, बल्कि अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार को ध्यान में रखते हुए देना चाहिए।

उन्होंने कहा, “बिहार में अधिकारी से लेकर नेता तक हर काम के लिए घूस ली जाती है – चाहे वह राशन कार्ड बनवाना हो या जमीन की रसीद कटवाना। जनता पांच किलो अनाज और मुफ्त सिलेंडर को ही उपलब्धि मान बैठी है, लेकिन अपने बच्चों के भविष्य को भूल रही है।”

प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में अगर व्यवस्था बदलनी है, तो जनता को चाहिए कि वह ऐसे नेताओं को वोट न दे जो उन्हें लूटते आए हैं। “नेताओं के चेहरे को नहीं, अपने बच्चों के चेहरे को देखकर वोट कीजिए। तभी बिहार में सचमुच जनता का राज स्थापित हो सकेगा।”

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