प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) को जॉइन किया है। इस मंच पर अपनी शुरुआत करते हुए उन्होंने दो पोस्ट किए। अपने पहले पोस्ट में, उन्होंने ट्रंप के साथ एक तस्वीर साझा की और लिखा, “ट्रुथ सोशल पर आकर बहुत खुश हूं! यहां सभी आवाजों से बातचीत करने और आने वाले समय में सार्थक चर्चा के लिए उत्सुक हूं।” इस कदम से भारत और अमेरिका के रिश्ते और भी मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
लेक्स फ्रीडमैन के पॉडकास्ट को किया शेयर
अपने दूसरे ट्रुथ में, पीएम मोदी ने प्रसिद्ध अमेरिकी पॉडकास्टर और कंप्यूटर वैज्ञानिक लेक्स फ्रीडमैन के साथ हुए 3 घंटे के पॉडकास्ट का लिंक शेयर किया। इस पॉडकास्ट में उन्होंने वैश्विक राजनीति, नेतृत्व, तकनीक और कई अन्य मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। दिलचस्प बात यह रही कि इस पॉडकास्ट को डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाइलाइट किया, जिससे यह साफ हो गया कि दोनों नेताओं के बीच डिजिटल कनेक्शन लगातार बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका और भारत के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं हैं, बल्कि ये आपसी विश्वास और सम्मान पर भी आधारित हैं। उन्होंने कहा, “ट्रंप के साथ मेरी दोस्ती केवल राजनीतिक कारणों से नहीं, बल्कि दोनों देशों के राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की सोच से जुड़ी हुई है।”
पीएम मोदी ने ट्रंप की हिम्मत और नेतृत्व की तारीफ की
पॉडकास्ट के दौरान पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप की हिम्मत और नेतृत्व क्षमता की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप अपने फैसले खुद लेते हैं और अमेरिका के प्रति उनकी निष्ठा अटूट है।” मोदी ने यह भी याद दिलाया कि जब पिछले साल चुनाव प्रचार के दौरान एक बंदूकधारी ने ट्रंप पर हमला किया था, तब भी उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति और साहस का परिचय दिया था।
जब पीएम मोदी से पूछा गया कि उन्हें ट्रंप में सबसे ज्यादा क्या पसंद है, तो उन्होंने कहा, “ट्रंप का आत्मविश्वास और उनकी निर्णय लेने की क्षमता बेहद प्रभावशाली है।” मोदी ने ह्यूस्टन में हुए ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि ट्रंप ने सुरक्षा नियमों की परवाह किए बिना उनके अनुरोध पर स्टेडियम का चक्कर लगाया था, जिससे पता चलता है कि वे कितने साहसी हैं।
भारत-अमेरिका संबंधों को मिलेगा और बल
प्रधानमंत्री मोदी का ‘ट्रुथ सोशल’ पर शामिल होना भारत और अमेरिका के बढ़ते डिजिटल और राजनयिक संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगा। ट्रंप और मोदी के बीच हमेशा से एक मजबूत व्यक्तिगत संबंध रहे हैं, जो उनके कार्यकाल के दौरान कई मौकों पर देखने को मिला। दोनों नेता अक्सर अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने की बात करते हैं और यही सोच उनके रिश्ते को और मजबूत बनाती है।
(इनपुट-एजेंसी के साथ)