नागपुर के महल क्षेत्र में सोमवार रात को दो गुटों के बीच हिंसा भड़क उठी। दिन में जब विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) द्वारा प्रदर्शन किया गया, तब भी तनाव की स्थिति बनी थी, लेकिन पुलिस ने उसे नियंत्रित कर लिया था। हालांकि, रात होते-होते माहौल बिगड़ गया और दोनों गुटों के बीच पथराव शुरू हो गया। इसके बाद उपद्रवियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस हिंसा में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस तैनात की गई
हिंसा के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की। जगह-जगह हो रहे पथराव और आगजनी को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। इसके बावजूद उपद्रवियों ने कई दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और मामले की जांच जारी है। इसके अलावा, इलाके में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं, ताकि अफवाहों का फैलाव न हो सके।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने की शांति की अपील
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागपुर हमेशा से एक शांतिप्रिय शहर रहा है और इसे अशांत करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने लोगों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग करने की अपील की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नागपुर प्रशासन स्थिति पर रखे हुए कड़ी नजर
नागपुर प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और हिंसा के कारणों की जांच की जा रही है। शहर में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है, और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी उकसावे में न आएं और शांति बनाए रखें।
(इनपुट-एजेंसी के साथ)