नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों अमेरिका दौरे पर हैं। अपने दौरे के तहत उन्होंने बोस्टन की ब्राउन यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ बातचीत की, जहां उन्होंने भारत की चुनाव प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी ने विशेष रूप से महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मतदान प्रक्रिया में असामान्यताएं देखने को मिलीं। उन्होंने दावा किया कि “शाम 5:30 बजे तक जितने युवाओं ने वोट डाले, उससे कहीं अधिक मतदाताओं ने 5:30 के बाद मतदान किया, जबकि उस समय तक मतदान बंद हो जाना चाहिए था।”
उन्होंने इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, “औसतन एक व्यक्ति को वोट डालने में 3 मिनट का समय लगता है। अगर 5:30 से 7:30 बजे के बीच करीब 65 लाख लोगों ने मतदान किया, तो यह शारीरिक रूप से संभव नहीं है, जब तक कि लोग रात 2 बजे तक लाइन में खड़े न रहे हों – जो कि नहीं हुआ।”
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब उनकी पार्टी ने पूछा कि क्या मतदान प्रक्रिया की वीडियोग्राफी हो रही है, तो आयोग ने न केवल इससे इनकार किया, बल्कि कानून में बदलाव कर यह भी सुनिश्चित कर दिया कि अब ऐसी मांग नहीं की जा सके।
उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग का रवैया यह दर्शाता है कि हमारी चुनाव प्रणाली के साथ समझौता किया जा चुका है। यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।”
राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर पहले भी राजनीतिक दलों की ओर से सवाल उठते रहे हैं। उनकी इन टिप्पणियों को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।