लौरिया: सरकारी योजनाओं के तहत निर्मित भवनों के संरक्षण और उपयोगिता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। लौरिया प्रखंड मुख्यालय परिसर में स्थित सद्भावना मंडप की वर्तमान स्थिति भी कुछ ऐसी ही कहानी बयां कर रही है। अल्पसंख्यक बहुक्षेत्रक विकास योजना के अंतर्गत लाखों रुपये की लागत से निर्मित यह भवन आज अपनी दुर्दशा पर स्वयं गवाही देता नजर आ रहा है।
प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित बीआरसी के समीप बने इस मंडप का निर्माण क्षेत्र में सामुदायिक गतिविधियों, बैठकों और विभिन्न सामाजिक आयोजनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कराया गया था। 5 मई 2022 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका लोकार्पण किया था।
कार्यक्रम में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, उपमुख्यमंत्री रेणु देवी सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही थी। उद्घाटन के समय इसे क्षेत्र की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में शामिल किया गया था।
मौजूदा समय में यह भवन रखरखाव के अभाव में खस्ताहाल हो चुका है। भवन के अंदर गंदगी का अंबार लगा हुआ है और कई हिस्सों में कूड़ा जमा है। विद्युत व्यवस्था से जुड़े उपकरण गायब हैं। खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं तथा भवन की संरचना भी उपेक्षा की मार झेल रही है। मंडप के आसपास उगी झाड़ियां और खर-पतवार प्रशासनिक निगरानी की कमी को उजागर कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक धन से निर्मित इस परिसंपत्ति का संरक्षण नहीं होना चिंता का विषय है। लोगों ने मांग की है कि भवन की व्यापक मरम्मत, नियमित देखरेख और उपयोग की स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि यह संरचना फिर से समाज के लिए उपयोगी साबित हो सके और सरकारी संसाधनों का उद्देश्यपूर्ण इस्तेमाल सुनिश्चित हो।