सहरसा जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सेवानिवृत्त दारोगा को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर ठगों ने 58 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर सुपौल साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
यह मामला सदर थाना क्षेत्र के शिवपुरी निवासी सेवानिवृत्त दारोगा से जुड़ा है। पीड़ित के अनुसार, 23 दिसंबर को उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी विजय गुप्ता बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक सिम कार्ड लिया गया है, जिससे महिलाओं के साथ अभद्रता की शिकायत दर्ज हुई है। ठग ने यह भी दावा किया कि इस संबंध में मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है।
पीड़ित के मुंबई न जा पाने की बात कहने पर आरोपी ने उन्हें कॉल पर बने रहने को कहा और कथित रूप से कोलाबा थाने से जोड़ने का दावा किया। इसके बाद कॉल प्रदीप साह नामक व्यक्ति से जुड़ी, जिसने आधार से जुड़े बैंक खातों की जानकारी ले ली।
आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि उनके बैंक खाते से बड़ी रकम का संदिग्ध लेनदेन हुआ है, जो पीएमटीएम नरेश गोयल से जुड़े एक फ्रॉड मामले से संबंधित है। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग जांच, गिरफ्तारी और बैंक खाता फ्रीज करने की धमकी देकर उन्हें डराया गया।
डर और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने की आशंका में 24 दिसंबर को पीड़ित से बैंक ऑफ बड़ौदा, सुपौल शाखा के खाते से 39 लाख रुपये एक एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए गए। इसके बाद 26 दिसंबर को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मेन ब्रांच सहरसा के खाते से 19 लाख रुपये और ट्रांसफर करा लिए गए।
ठगों ने भरोसा दिलाया था कि जांच पूरी होने के बाद 29 दिसंबर को पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। इसके बाद वे लगातार कॉल कर एसीपी से बातचीत कराने जैसी बातें करते रहे, लेकिन अब तक रकम वापस नहीं की गई।
इस संबंध में साइबर डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि सुपौल साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।