टेलीग्राम पर NEET का पेपर बेचने का झांसा, बिहार पुलिस ने फर्जी रैकेट का किया भंडाफोड़; चार गिरफ्तार

Scam involving the sale of NEET papers on Telegram; Bihar Police busts fake racket; four arrested

पटना : NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे पेपर लीक के दावों के बीच बिहार पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। मुजफ्फरपुर पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों और उनके अभिभावकों को परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार और हर्ष कनोडिया के रूप में हुई है। सभी को शनिवार शाम गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान उनके पास से मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

पहले से गिरफ्तार आरोपी से मिला सुराग

जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का सुराग पुलिस को पहले गिरफ्तार किए गए मनीष झा से मिला था। मनीष झा को 2 जून को इसी तरह के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसके अन्य साथियों की तलाश शुरू की और बाद में चार लोगों को हिरासत में लिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके परिवारों को निशाना बनाता था। आरोपी दावा करते थे कि उनके पास NEET समेत कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के असली प्रश्नपत्र मौजूद हैं और वे परीक्षा से पहले उन्हें उपलब्ध करा सकते हैं।

टेलीग्राम और सोशल मीडिया के जरिए फैलाया जाल

जांच में पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ग्रुपों के जरिए छात्रों तक पहुंच बनाते थे। वहां वे पेपर लीक और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के दावे करते थे। इसके बाद इच्छुक अभ्यर्थियों और अभिभावकों से संपर्क कर मोटी रकम की मांग की जाती थी।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों द्वारा ऑनलाइन बैंक खातों में पैसे जमा करवाए जाते थे। रकम मिलने के बाद उसे नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचाया जाता था। हालांकि जांच में अब तक किसी वास्तविक प्रश्नपत्र के लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों को किया सतर्क

पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे पेपर लीक के दावों पर भरोसा न करें। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करने वाले अधिकांश लोग ठगी करने वाले गिरोहों का हिस्सा होते हैं, जो छात्रों की चिंता और दबाव का फायदा उठाते हैं।

जांच जारी, नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश

मुजफ्फरपुर पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों और मोबाइल डेटा की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही कई अन्य खुलासे हो सकते हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध संदेश, टेलीग्राम चैनल या सोशल मीडिया पोस्ट के झांसे में नहीं आना चाहिए। परीक्षा से जुड़े किसी भी फर्जी दावे की सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित एजेंसियों को देने की अपील की गई है।

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