नई दिल्ली: अहमदाबाद में बीते सप्ताह हुए एयर इंडिया विमान हादसे, जिसमें लगभग 270 लोगों की जान गई, के बाद अब मामला एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। हादसे के एक हफ्ते बाद, एयर इंडिया के दो पूर्व सीनियर फ्लाइट अटेंडेंट्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एयरलाइन पर गंभीर सुरक्षा लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
✉️ हादसे से पहले ही दी गई थी तकनीकी खामी की जानकारी
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों फ्लाइट अटेंडेंट्स ने पीएम को लिखे पत्र में दावा किया है कि उन्होंने 14 मई 2024 को एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (VT-ANQ) में तकनीकी खामी की सूचना दी थी। यह वही विमान मॉडल है जो अहमदाबाद हादसे में शामिल था।
⚠️ दरवाजा खोलते ही राफ्ट स्लाइड खुल गई
मुंबई से लंदन जा रही फ्लाइट AI-129 जब लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर पहुंची, तब सभी यात्री उतर चुके थे। दो अटेंडेंट्स जब विमान का दरवाजा खोलने गए, तो उन्होंने चेकलिस्ट के अनुसार मैनुअल मोड की पुष्टि की, लेकिन दरवाजा खोलते ही आपातकालीन राफ्ट स्लाइड तैनात हो गई—यह घटना तब होती है जब दरवाजा ऑटोमैटिक मोड में होता है। पायलट और केबिन-इन-चार्ज ने भी इस घटना की लिखित पुष्टि की थी।
🚫 बयान बदलने का दबाव और नौकरी से निकाला गया
अटेंडेंट्स का आरोप है कि उन्होंने घटना की जानकारी एयर इंडिया प्रबंधन को दी, लेकिन उनसे बयान बदलने का दबाव बनाया गया। जब उन्होंने इनकार किया, तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।
🕵️♂️ DGCA पर भी उठे सवाल
पत्र में आरोप है कि इस मामले में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सिर्फ औपचारिक जांच की, लेकिन अब तक कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। इसके अलावा, एयर इंडिया और DGCA पर इस और अन्य तकनीकी खामियों को दबाने का आरोप भी लगाया गया है।
❗ अहमदाबाद हादसे से जुड़ रहा है मामला
इन खुलासों ने अहमदाबाद हादसे के बाद एयर इंडिया की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अटेंडेंट्स का कहना है कि यदि उस समय उनकी चेतावनी को गंभीरता से लिया गया होता, तो शायद इतनी बड़ी जानहानि टाली जा सकती थी।
🔍 निष्कर्ष
यह मामला अब सिर्फ एक हादसे की जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि एयर इंडिया की सुरक्षा नीतियों, जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर एक बड़ी बहस का विषय बन गया है। अब देखना यह है कि प्रधानमंत्री कार्यालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस पर क्या कदम उठाते हैं।