दरभंगा/मधुबनी: बिहार के हनुमाननगर प्रखंड के पटोरी पंचायत निवासी शिवोत्तम कुमार ने अपनी मेहनत, लगन और तकनीकी प्रतिभा के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन विश्वप्रसिद्ध आईटी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट में जूनियर डाटा साइंटिस्ट के पद पर हुआ है, जहाँ उन्हें 55 लाख रुपये का सालाना पैकेज प्राप्त हुआ है। इस शानदार सफलता ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया है।
शिक्षा से लेकर सफलता तक का सफर
शिवोत्तम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जीसस एंड मैरी एकेडमी, दरभंगा से पूरी की और 2020 में सीबीएसई बोर्ड से 10वीं पास की। इसके बाद उन्होंने बिहार बोर्ड के जीतवारपुर +2 उच्च विद्यालय, मधुबनी से कृषि संकाय में 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी मद्रास के बीएस इन डाटा साइंस एंड एप्लीकेशन नामक चार वर्षीय ऑनलाइन कोर्स में दाखिला लिया।
उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए गूगल ने भी उन्हें 37 लाख रुपये के पैकेज के साथ बैंगलोर लोकेशन के लिए चुना था, लेकिन शिवोत्तम ने माइक्रोसॉफ्ट की हैदराबाद स्थित Azure Data and AI Team को प्राथमिकता दी।
परिवार में जश्न का माहौल
शिवोत्तम की सफलता से उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनकी दादी चंद्रकांती देवी ने भावुक होकर कहा, “अब मेरी उम्र 5-10 साल और बढ़ गई है।” वहीं दादा राम एकबाल चौधरी, चाचा रणविजय सांडिल्य और चाची निभा कुमारी भी इस उपलब्धि पर गौरवान्वित हैं।
शिवोत्तम के बड़े भाई नरोत्तम कुमार, जो सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, ने हंसते हुए कहा, “अब मुझ पर भी जल्द सफल होने का दबाव है।”
सीमित संसाधनों से वैश्विक सफलता तक
शिवोत्तम की सफलता की कहानी इस बात की मिसाल है कि सीमित संसाधनों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र भी विश्वस्तरीय कंपनियों में अपनी जगह बना सकते हैं। वे उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं, जो बड़े सपने देखने से नहीं घबराते।
शिवोत्तम का यह सफर न केवल उनके परिवार और गांव के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह साबित करता है कि मेहनत, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।