कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। चर्चा है कि All India Trinamool Congress के कई सांसद भारतीय जनता पार्टी के संपर्क में हैं, जिससे पार्टी के भीतर बड़े राजनीतिक संकट की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि इस मामले में अब तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसद भाजपा में शामिल होने या बाहर से समर्थन देने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ अन्य सांसदों से भी संपर्क जारी है। यदि ऐसा होता है तो यह ममता बनर्जी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि संभावित टूट को दल-बदल विरोधी कानून से बचाने के लिए पर्याप्त संख्या जुटाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। लोकसभा में किसी दल के दो-तिहाई सांसद अलग होने पर तकनीकी रूप से दल-बदल कानून से राहत मिल सकती है। इसी वजह से अधिक सांसदों को साथ लाने की कोशिश की बात कही जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि इस हलचल की जानकारी पार्टी नेतृत्व तक भी पहुंच चुकी है, जिसके बाद संगठन को एकजुट रखने और नाराज नेताओं को मनाने की कवायद तेज कर दी गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर तृणमूल के कुछ सांसद भाजपा के साथ जाते हैं तो इससे केंद्र में सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party की लोकसभा में स्थिति और मजबूत हो सकती है। साथ ही राज्यसभा की राजनीति पर भी इसका असर पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि पार्टी के भीतर चुनावी रणनीति और संगठनात्मक कामकाज को लेकर कुछ नेताओं में असंतोष है। हालांकि पूरे घटनाक्रम पर अभी तक न तो तृणमूल कांग्रेस और न ही भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।