नई दिल्ली/पटना: भारत निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2019 से निष्क्रिय रहे और जिनका देशभर में कोई भौतिक कार्यालय मौजूद नहीं है, ऐसे पंजीकृत गैरमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) के खिलाफ डीलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के तहत आयोग ने संबंधित दलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं ताकि वे अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकें। तथ्यों की जांच के बाद ही किसी भी दल को पंजीकरण सूची से हटाने का अंतिम निर्णय आयोग द्वारा लिया जाएगा। निष्क्रियता और गैर-मौजूदगी बनी कार्रवाई का आधार…
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