बिहार: सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में अहम फैसला लिया है। अब सरकारी अस्पतालों में मरीजों को एलोपैथिक दवाओं के साथ-साथ आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कदम पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने और मरीजों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर उठाया गया है। आयुष चिकित्सकों की तैनाती के बाद लिया गया निर्णय स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति के बाद यह महसूस किया गया कि जिन मरीजों का इलाज आयुर्वेद या होम्योपैथिक पद्धति…
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