सिर्फ व्हाट्सएप चैट के आधार पर नहीं मिल सकता तलाक, बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला पलटा

Divorce cannot be granted solely on the basis of WhatsApp chats; Bombay High Court overturns Family Court's decision

नई दिल्ली। अगर किसी को लगता है कि केवल व्हाट्सएप या एसएमएस पर हुई बहस के आधार पर किसी वैवाहिक रिश्ते को कानूनी तौर पर खत्म किया जा सकता है, तो Bombay High Court का हालिया फैसला इस धारणा को गलत साबित करता है। हाई कोर्ट ने एक अहम निर्णय में स्पष्ट किया है कि महज व्हाट्सएप चैट को आधार बनाकर तलाक नहीं दिया जा सकता। अदालत ने Nashik Family Court के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें पत्नी के व्हाट्सएप संदेशों में कथित क्रूरता के आधार पर…

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने फिल्म ‘अजेय’ को मिली हरी झंडी, सेंसर बोर्ड की आपत्तियां खारिज

Bombay High Court gives green signal to the film 'Invincible', rejects objections of the censor board

मुंबई: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आधारित फिल्म ‘अजेय’ की रिलीज़ को लेकर सेंसर बोर्ड (CBFC) और फिल्म निर्माताओं के बीच चल रहे विवाद पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाते हुए फिल्म को रिलीज़ की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने सेंसर बोर्ड की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। यह फैसला जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस नीला गोखले की पीठ ने सुनाया, जिन्होंने 21 अगस्त को खुद पूरी फिल्म देखकर यह निर्णय लिया। सोमवार की सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने साफ तौर पर कहा,…

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बॉम्बे उच्च न्यायालय का फैसला: वर्कप्लेस पर महिला सहकर्मी के बालों पर टिप्पणी को यौन उत्पीड़न नहीं माना

Bombay High Court's decision: Commenting on a female colleague's hair at the workplace is not considered sexual harassment

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने एक मामले की सुनवाई के दौरान अपने फैसले में कहा है कि कार्यस्थल पर महिला सहकर्मी के बालों पर टिप्पणी करना और गाना गाना यौन उत्पीड़न नहीं कहलाएगा। एक निजी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी को राहत देते हुए अदालत ने कहा कि महिला सहकर्मी के बालों पर टिप्पणी करना और उस बारे में गाना गाना अपने आप में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न नहीं है। न्यायमूर्ति संदीप मार्ने ने 18 मार्च को दिए अपने आदेश में कहा कि यदि याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोपों को सही मान भी…

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सेबी की पूर्व अध्यक्ष माधवी पुरी बुच को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत, विशेष अदालत के आदेश पर चार सप्ताह की रोक

Bombay High Court gives relief to former SEBI chairman Madhavi Puri Buch, four-week stay on special court order

मुंबई: सेबी (SEBI) की पूर्व अध्यक्ष माधवी पुरी बुच को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने विशेष अदालत के उस आदेश पर चार सप्ताह की रोक लगा दी है, जिसमें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को माधवी पुरी बुच और पांच अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। विशेष अदालत ने शेयर बाजार में धोखाधड़ी और विनियामक उल्लंघन के आरोपों के बाद एफआईआर का आदेश जारी किया था। लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि आदेश विवरणों की उचित जांच किए बिना और…

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