बिहार में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को अब नामी-गिरामी निजी स्कूलों में पढ़ाई का मौका मिल रहा है। जो स्कूल पहले सिर्फ अमीरों के बच्चों के लिए माने जाते थे, अब वहां हर बच्चा बिना किसी शुल्क के पढ़ाई कर सकता है। शिक्षा में समानता की दिशा में यह एक बड़ी पहल है, जिसे बिहार सरकार ने गंभीरता से आगे बढ़ाया है। शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र बच्चा…
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