नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी भी महिला, विशेष रूप से नाबालिग को, उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भावस्था जारी रखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। यह टिप्पणी उस मामले में आई, जिसमें अदालत ने 30 सप्ताह की गर्भवती एक नाबालिग को गर्भपात की अनुमति दी। मामले के अनुसार, लड़की 17 वर्ष की उम्र में एक संबंध के दौरान गर्भवती हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह गर्भावस्था कानूनी रूप से जटिल प्रतीत हो सकती…
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