भोजपुर जिले के आरा शहर में सोमवार को दिनदहाड़े एक बड़ी लूट की वारदात हुई। शहर के गोपाली चौक स्थित तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में आठ से नौ की संख्या में आए हथियारबंद अपराधियों ने पूरी दुकान को लूट लिया। करीब 30 मिनट तक शोरूम के अंदर आतंक मचाने के बावजूद पुलिस घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। यह घटना न सिर्फ भोजपुर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगाती है।
कैसे हुई वारदात?
चश्मदीदों के अनुसार, सुबह करीब 10:30 बजे अपराधी दो-दो के समूह में शोरूम में घुसे। जब सभी अपराधी अंदर आ गए, तो उन्होंने अपने चेहरे पर मास्क पहन लिया और हथियार निकालकर पूरे स्टाफ को बंधक बना लिया। इसके बाद स्टॉल-दर-स्टॉल कीमती आभूषणों को बड़े बैगों में भरकर लूटपाट शुरू कर दी।
पुलिस को कॉल करने पर भी नहीं मिली मदद
शोरूम में काम करने वाली सेल्स गर्ल सिमरन ने बताया कि जैसे ही अपराधी अंदर घुसे, उन्हें शक हुआ और उन्होंने तुरंत डायल 112 पर कॉल किया। एक बार कॉल रिसीव हुआ और पुलिस गाड़ी भेजने की बात कही गई, लेकिन आधे घंटे तक कोई पुलिस नहीं पहुंची। सिमरन ने बताया कि उन्होंने करीब 25 से 30 बार कॉल किया, लेकिन किसी कॉल का जवाब नहीं मिला और अपराधी आराम से लूटपाट कर फरार हो गए।
मोबाइल छीनकर स्टाफ और ग्राहकों को बनाया बंधक
शोरूम के स्टोर मैनेजर के मुताबिक, अपराधी आते ही सभी कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बना लिया और उनके मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद systematically सभी ज्वेलरी स्टॉल को लूटा गया। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने मानी बड़ी सुरक्षा चूक
घटना के बाद भोजपुर एसपी राज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पांच से छह अपराधी इस लूटकांड में शामिल थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने की कोशिश शुरू कर दी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी परिचय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चूक थी।
अपराधियों के साथ पुलिस मुठभेड़ की चर्चा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बबुरा इलाके में अपराधियों के साथ मुठभेड़ की खबर आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस बड़ी वारदात के बाद शहर के लोगों में पुलिस की सुस्ती और लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब महज 600 मीटर दूर मौजूद थाना इस लूट को नहीं रोक सका, तो फिर आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
इस वारदात ने भोजपुर जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की निष्क्रियता और अपराधियों की बढ़ती हिम्मत से शहरवासियों में डर का माहौल है। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले को कितनी तेजी से सुलझा पाती है और अपराधियों को कब तक पकड़ पाती है।