पुलवामा: दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार संदिग्ध उमर उन नबी के परिवार ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी है। उमर की भाभी मुजम्मिला ने बताया कि उमर ने फोन पर कहा था कि वह दो-तीन दिन में घर लौट आएगा, लेकिन इसके बाद अचानक उसकी गिरफ्तारी की खबर मिली।
उमर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला है और फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी में फैकल्टी के तौर पर काम करता था। उसे दिल्ली ब्लास्ट मामले में संदिग्ध के रूप में हिरासत में लिया गया है। वहीं, पुलवामा में उसके परिवार के कुछ सदस्यों को भी पूछताछ के लिए कस्टडी में लिया गया है।
मुजम्मिला ने मीडिया से बातचीत में बताया,
“मैंने उमर से कहा था कि घर आ जाओ। उसने जवाब दिया था कि दो या तीन दिन में आ जाएगा। मैंने आग्रह किया कि वह अगले दिन ही लौट आए, लेकिन उसने कहा कि उसकी परीक्षाएं हैं और वह लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहा है, इसलिए परेशान न किया जाए। हमने कहा ठीक है।”
उन्होंने आगे बताया कि परिवार ने उमर को फोन नहीं किया क्योंकि वे जानते थे कि वह पढ़ाई में व्यस्त है।
“शुक्रवार को उमर ने खुद फोन किया था। उसने कहा कि मुझे ज्यादा तंग मत करना, मैं खुद ही फोन करूंगा। उसने घर के सब लोगों का हालचाल पूछा और बेफिक्र लहजे में कहा कि दो-तीन दिन में आ जाएगा,” मुजम्मिला ने बताया।
उमर की भाभी ने कहा कि वे इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि उमर ऐसे किसी मामले में शामिल हो सकता है।
“उमर इस तरह का इंसान नहीं था। जितना हमें पता था, वही बताया है। बाकी की जानकारी हमारे पास नहीं है,” उन्होंने कहा।
सूत्रों के मुताबिक, पेशे से डॉक्टर उमर उन नबी कथित तौर पर उसी कार में मौजूद था, जिसमें लाल किले के पास विस्फोट हुआ था। सीसीटीवी फुटेज में उसे कार चलाते हुए देखा गया है। जांच एजेंसियों को शक है कि उमर का संबंध फरीदाबाद के आतंकी मॉड्यूल से भी हो सकता है।
फिलहाल, राष्ट्रीय जांच एजेंसियां फरीदाबाद मॉड्यूल और दिल्ली ब्लास्ट दोनों मामलों की हर एंगल से जांच कर रही हैं।