पटना: किताबों के पन्नों से निकलकर विज्ञान अगर छूने-छूने लायक हो जाए, तो क्या कहना! बिहार की राजधानी पटना में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी ने यह सपना सच कर दिखाया है। लगभग 21 एकड़ (करीब 20.5-22 एकड़) में फैला यह विश्वस्तरीय केंद्र बच्चों को खेल-खेल में गुरुत्वाकर्षण, अंतरिक्ष यात्रा और रोबोटिक्स जैसे जटिल सिद्धांतों को समझाता है। यहां बच्चे रॉकेट लॉन्च करते हैं, रोबोट को कमांड देते हैं और खुद वैज्ञानिक बनकर प्रयोग करते हैं।
यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका उद्घाटन 21 सितंबर 2025 को किया गया। उद्घाटन के बाद हाल ही में दिसंबर 2025 में आम जनता के लिए खोला गया, और जनवरी 2026 तक बाकी गैलरियों के प्रदर्शन तेजी से पूरे हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही में इसका निरीक्षण भी किया और कहा कि यह साइंस सिटी बेहद शानदार बना है, जहां छात्र-छात्राएं विज्ञान के मूल सिद्धांतों को आसानी से समझेंगे और उनकी रुचि बढ़ेगी।
चार मुख्य गैलरियां और 243+ इंटरैक्टिव प्रदर्शन
साइंस सिटी की जान इसकी थीम आधारित गैलरियां हैं, जिनमें 243 इंटरैक्टिव और वास्तविक प्रदर्शन हैं। यहां बटन दबाइए, लीवर घुमाइए और विज्ञान जीवंत हो उठता है!
–बॉडी एंड माइंड गैलरी: मानव शरीर और दिमाग के रहस्यों को इंटरैक्टिव तरीके से समझाएं।
–स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी गैलरी: चंद्रयान-मंगलयान के सिमुलेशन से रॉकेट लॉन्च का रोमांच महसूस करें।
–बेसिक साइंस गैलरी: भौतिकी, रसायन और गणित के मूल सिद्धांतों को हैंड्स-ऑन प्रयोगों से सीखें।
–सस्टेनेबल प्लैनेट गैलरी: जलवायु परिवर्तन, समुद्री जीवों की दुनिया और पर्यावरण संरक्षण की विशालकाय जानकारी।
इसके अलावा ‘बी ए साइंटिस्ट’ जैसी गैलरी में बच्चे खुद प्रयोग करके वैज्ञानिक बन जाते हैं। रोबोटिक जोन में एआई का जादू देखकर बच्चे उत्साहित हो उठते हैं।
अन्य आकर्षण और सुविधाएं
साइंस सिटी में भव्य एट्रियम लॉबी (जहां डॉ. कलाम की सिलिकॉन प्रतिमा से सेल्फी ले सकते हैं), ओरिएंटेशन थिएटर, 4डी थिएटर, 500 सीटों वाला सभागार, 300 सीटों वाला कैफेटेरिया, बहुउद्देशीय हॉल, अस्थाई प्रदर्शनी हॉल, जैव विविधता पार्क, मार्कर स्पेस, बिग डेटा सेंटर, डेमो किचन और बच्चों के लिए जिम शामिल हैं।
शिक्षा यात्रा के लिए 250 छात्रों के रहने की व्यवस्था वाला छात्रावास भी है, जो स्कूल टूर के लिए आदर्श है।
लोगों का कहना
आने वाले पर्यटक और बच्चे कहते हैं कि यहां विज्ञान अब बोरिंग नहीं, बल्कि सुपर फन है! एक बच्चे ने कहा, “रॉकेट उड़ाना मेरा सपना था, जो यहां सच हो गया।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह साइंस सिटी बिहार में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करेगा और नवाचार की नई लहर लाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह प्रयास शिक्षा और पर्यटन दोनों को नई ऊंचाइयां दे रहा है। देश-विदेश से सैलानी पटना साइंस सिटी के इस अनोखे विज्ञान संगम को देखने आ रहे हैं। तो आप भी जल्दी से टिकट बुक करें (ऑनलाइन पोर्टल: apjsciencecity.bihar.gov.in) और इस जादू को खुद महसूस कीजिए—जहां सीखना उतना ही रोमांचक है, जितना सपने बुनना!