राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल कोर्ट ने रेलवे में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी देने के बदले जमीन लिखवाने के मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश सुनाया है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया आरोपों को सही मानते हुए सभी के खिलाफ ट्रायल चलाने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट के इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि लालू परिवार और भ्रष्टाचार एक-दूसरे के पूरक रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज अदालत ने भी यह स्वीकार किया है कि नौकरी के बदले जमीन लिखवाने के मामले में लालू परिवार प्रथम दृष्टया दोषी है और अब उनके खिलाफ मुकदमा चलेगा।
नित्यानंद राय ने कहा कि लालू परिवार भ्रष्टाचार में लिप्त रहा है, यह पूरे बिहार को पता है और आज कोर्ट ने भी इस पर मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब अदालत ने लालू यादव और उनके परिवार को भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाया हो। इससे पहले चारा घोटाला, अलकतरा घोटाला और दूध घोटाले जैसे मामलों में भी लालू यादव और उनका परिवार भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया है।
बिहार भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और उजियारपुर से लोकसभा सांसद नित्यानंद राय ने कहा कि तेजस्वी यादव अपने पिता लालू यादव के पदचिह्नों पर ही चल रहे हैं और पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता इस सच्चाई को भली-भांति जानती है, इसलिए हाल के विधानसभा चुनावों में जनता ने उन्हें नकार दिया और लालू परिवार को सत्ता से बाहर रखा।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने लालू परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि लालू यादव और तेजस्वी यादव ने सत्ता में रहकर गरीब-गुरबों को लूटने का काम किया है। गरीबों का शोषण करना लालू परिवार की फितरत रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला तो केवल एक छोटा सा उदाहरण है, जिसमें कोर्ट ने लालू यादव और उनके परिवार को दोषी पाया है। उनका बुनियादी मकसद अपने परिवार का विकास और गरीबों का शोषण रहा है।
अंत में नित्यानंद राय ने लालू परिवार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो जिन-जिन गरीबों की जमीन उन्होंने अपने परिवार के नाम लिखवाई है, उन्हें सार्वजनिक रूप से वापस करने का ऐलान करें।