2026 से बदलेगा 9वीं से 12वीं का सिलेबस, छात्रों के लिए अनिवार्य होगा ‘ब्रिज कोर्स’

The syllabus for classes 9 to 12 will change from 2026, with a 'bridge course' being mandatory for students.

नई दिल्ली: देश की स्कूली शिक्षा में बड़े बदलाव की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए नया सिलेबस लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए एनसीईआरटी की विशेषज्ञ समिति (एक्सपर्ट कमेटी) नए सिलेबस के अनुरूप नई पाठ्यपुस्तकें तैयार कर रही है।

कब लागू होगा नया सिलेबस?
एनसीईआरटी की योजना के अनुसार, 9वीं से 12वीं कक्षा का नया सिलेबस शैक्षणिक सत्र 2026–27 से लागू किया जाएगा। इस दिशा में काम तेज़ी से चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक,

  • 9वीं और 11वीं कक्षा की नई किताबें अगले साल फरवरी 2026 तक उपलब्ध हो जाएंगी।
  • वहीं 10वीं और 12वीं कक्षा की किताबें जुलाई 2026 तक तैयार हो जाएंगी।

इससे पहले एनसीईआरटी कक्षा 1 से 8 तक के लिए नया सिलेबस और किताबें तैयार कर चुका है, जिन्हें देशभर के स्कूलों में लागू किया जा चुका है।

क्यों किया जा रहा है सिलेबस में बदलाव?
नया सिलेबस नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के आधार पर तैयार किया जा रहा है।
इसके तहत पाठ्य सामग्री (कंटेंट) को कम किया गया है, ताकि छात्रों को गतिविधियों (एक्टिविटीज), प्रोजेक्ट्स और ग्राफिक्स के माध्यम से सिखाया जा सके। इस बदलाव का उद्देश्य है कि छात्र केवल याद न करें, बल्कि सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें।

क्या है ‘ब्रिज कोर्स’ और किसे करना होगा?
नए सिलेबस के लागू होने पर, पुराने और नए पाठ्यक्रम के बीच के अंतर को पाटने के लिए कुछ छात्रों को ‘ब्रिज कोर्स’ करना अनिवार्य होगा।
एनसीईआरटी इसके लिए भी अलग से किताबें तैयार कर रहा है।

  • जब नया सिलेबस लागू होगा, तब जो छात्र 10वीं पास कर 11वीं में प्रवेश लेंगे, उन्हें 6 सप्ताह का ब्रिज कोर्स करना होगा।
  • इसी तरह, 9वीं पास कर 10वीं में जाने वाले छात्रों को भी यह कोर्स करना होगा, क्योंकि वे 9वीं की पढ़ाई पुराने सिलेबस से कर चुके होंगे और 10वीं में नए सिलेबस के अनुसार पढ़ाई करेंगे।

यह ब्रिज कोर्स छात्रों को नए पैटर्न और विषयवस्तु से जोड़ने में मदद करेगा, ताकि वे आसानी से नए सिलेबस के अनुरूप अध्ययन कर सकें।

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