पटना—पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अपने एक आपत्तिजनक बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। महिलाओं की राजनीति में भागीदारी पर की गई उनकी टिप्पणी ने सियासी माहौल गरमा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें आधिकारिक नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
महिलाओं की भागीदारी पर दिया विवादित बयान
पप्पू यादव ने हाल ही में राजनीति में आने वाली महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि महिलाओं को राजनीति में अपनी जगह बनाने के लिए “समझौता” करना पड़ता है। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। विभिन्न दलों के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए कड़ी निंदा की है।
महिला आयोग सख्त, तीन दिन का अल्टीमेटम
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सांसद को नोटिस जारी किया। आयोग ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की टिप्पणी महिलाओं के सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती है। आयोग ने पप्पू यादव को तीन दिन के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है।
बीजेपी का हमला, बताया ‘ओछी मानसिकता’
इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि जब देश ‘नारी शक्ति’ के सम्मान की बात कर रहा है, तब इस तरह की टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान महिलाओं के प्रति संकीर्ण सोच को दर्शाते हैं।
गौरतलब है कि पप्पू यादव पहले भी महिला आरक्षण बिल को लेकर अपने विरोधी रुख के कारण चर्चा में रह चुके हैं। यह ताजा विवाद उनके राजनीतिक सफर में एक नया विवाद जोड़ता नजर आ रहा है।