ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में चीन को लेकर एक ऐसा बयान दिया, जिसने तूल पकड़ लिया है। उनके बयान पर कांग्रेस ने इसे उनके निजी विचार मानते हुए विवाद से दूरी बनाई, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे गलवान शहीदों का अपमान बताया है। सैम पित्रोदा, जो राहुल गांधी के करीबी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, ने सोमवार को कहा कि चीन से खतरे को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है और अब समय आ गया है कि हम अपने पड़ोसी देश को पहचानें और उसका सम्मान करें।
सैम पित्रोदा का बयान: चीन से खतरा नहीं है
सैम पित्रोदा ने कहा, “मुझे नहीं पता कि चीन से क्या खतरा है। मुझे लगता है कि इस मुद्दे को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। चीन चारों ओर है और बढ़ रहा है, हमें इसे पहचानने और समझने की जरूरत है। हर देश आगे बढ़ रहा है, कुछ तेजी से, कुछ धीमे। जो गरीब हैं, उन्हें तेजी से बढ़ना होगा, और जो संपन्न हैं, उनकी वृद्धि धीमी होगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि हमें विकासशील देशों की युवा आबादी और विकसित देशों की बुजुर्ग आबादी को ध्यान में रखते हुए इस मामले को समझने की जरूरत है।
कांग्रेस ने किया बयान से किनारा
सैम पित्रोदा के इस बयान के बाद कांग्रेस ने स्पष्टीकरण जारी किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया, “सैम पित्रोदा द्वारा चीन पर व्यक्त किए गए कथित विचार निश्चित रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विचार नहीं हैं। चीन हमारी विदेश नीति, बाह्य सुरक्षा, और आर्थिक क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा चीन के प्रति मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं और यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि संसद को इस पर चर्चा करने का अवसर नहीं मिल रहा।
बीजेपी ने किया तीव्र विरोध, कहा- शहीदों का अपमान
बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने सैम पित्रोदा के बयान को गलवान के शहीदों का अपमान करार दिया। उन्होंने कहा, “जिस प्रकार सैम पित्रोदा ने कहा कि चीन से कोई विवाद नहीं है, क्या यह गलवान शहीदों का अपमान नहीं है? हमारे सैनिक शहीद हो गए, और इस प्रकार का बयान देना भारतीय सेना के बलिदान का घनघोर अपमान है।”
यह बयान राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन गया है, और विभिन्न पार्टियों से इसके विरोध में प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
https://twitter.com/Jairam_Ramesh/status/1891429584345628967