पटना: पटना हाईकोर्ट को जल्द ही नया मुख्य न्यायाधीश मिल सकता है। दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव के नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए की है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति का रास्ता साफ होगा।
फिलहाल जस्टिस सुधीर सिंह हैं कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश
वर्तमान में जस्टिस सुधीर सिंह पटना हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यह जिम्मेदारी जस्टिस मीनाक्षी मदन राय के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें मिली।
जस्टिस मीनाक्षी मदन राय ने 5 जून 2026 को पटना हाईकोर्ट की 48वीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। उनका कार्यकाल करीब एक महीने रहा और 11 जुलाई 2026 को वह सेवानिवृत्त हो गईं। इसके बाद जस्टिस सुधीर सिंह को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।
कौन हैं जस्टिस वी. कामेश्वर राव?
जस्टिस वी. कामेश्वर राव का जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से वर्ष 1987 में भूगोल में बीए ऑनर्स किया। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1990 में एलएलबी की डिग्री हासिल की।
मार्च 1991 में उन्होंने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में अधिवक्ता के तौर पर अपना नामांकन कराया। करीब दो दशक तक वकालत करने के बाद जनवरी 2010 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्त किया।
2013 में शुरू हुआ न्यायिक सफर
जस्टिस वी. कामेश्वर राव को 17 अप्रैल 2013 को दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 18 मार्च 2015 को वह दिल्ली हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बने।
उनके न्यायिक करियर में आगे भी कई महत्वपूर्ण पड़ाव आए। 1 जून 2024 को उनका तबादला कर्नाटक हाईकोर्ट किया गया और 30 मई 2025 को उन्हें कर्नाटक हाईकोर्ट का कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।
इसके बाद वह फिर दिल्ली हाईकोर्ट लौटे। 21 जुलाई 2025 को उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में दोबारा कार्यभार संभाला।
सेवा और श्रम कानून के विशेषज्ञ
जस्टिस वी. कामेश्वर राव को सेवा कानून, श्रम कानून, संविधान और प्रशासनिक कानून का विशेषज्ञ माना जाता है। उनके लंबे न्यायिक अनुभव को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए उनके नाम की सिफारिश की है।
केंद्र की मंजूरी के बाद संभालेंगे जिम्मेदारी
अभी जस्टिस वी. कामेश्वर राव की पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति अंतिम नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी है। मंजूरी मिलने के बाद वह पटना हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाल सकेंगे।