नई दिल्ली: दिल्ली में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी जोरों पर है. राष्ट्रीय राजधानी की सभी 70 सीटों पर एक ही फेज में 5 फरवरी को वोट डाले जाएंगे और नतीजे 8 फरवरी को आएंगे. सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को एक बार फिर जीत का भरोसा है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस भी अपनी तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ रही. भारतीय जनता पार्टी लंबे समय बाद दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने के लिए बेकरार है. उधर, कांग्रेस भी इस बार अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है. आइये आज जानते हैं दिल्ली की सबसे हॉट सीटों में से एक शकूर बस्ती के समीकरण के बारे में. शकूर बस्ती से दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन मैदान में हैं. वहीं, कांग्रेस ने सतीश लूथरा को टिकट दिया है. भारतीय जनता पार्टी ने करनैल सिंह को टिकट दिया है.
विपक्षी उम्मीदवारों को मिलेगा फायदा!
आम आदमी पार्टी ने दिग्गज नेता सत्येंद्र जैन पिछले तीन चुनाव जीत चुके हैं, लेकिन इस चुनाव से ठीक पहले वह मनी लॉन्ड्रिंग के केस में लगभग दो साल जेल में बिताकर आए हैं. ऐसे में एक तरफ विपक्षी पार्टियां भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर ‘आप’ के खिलाफ प्रचार कर रही हैं तो दूसरी तरफ सत्येंद्र जैन अपने-आप को साजिश का शिकार बताकर जनता की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि विपक्षी उम्मीदवारों को इसका फायदा मिल सकता है, क्योंकि सत्येंद्र जैन अब तक बेदाग साबित नहीं हुए हैं. वह जमानत पर जेल से बाहर हैं.
कांग्रेस उम्मीदवार को जीत का भरोसा
पिछले 15 सालों से कांग्रेस से जुड़े लूथरा ने दिल्ली की अधिकांश सीटों पर पार्टी की जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि ‘आप’ द्वारा बनाया गया ‘भ्रम’ अब खत्म हो चुका है और इस बार लोग बदलाव चाहते हैं. उन्होंने कहा कि ‘आप’ ने लोगों को बेवकूफ बनाया, लेकिन अब जनता बदलाव चाहती है. लोग भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों से नाखुश हैं.
पिछले चुनाव में कांटे की थी टक्कर
शकूर बस्ती विधानसभा क्षेत्र चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. यह दिल्ली के उत्तरी दिल्ली जिले में स्थित है और एक प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक इलाका माना जाता है. साल 2020 के पिछले विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के सत्येंद्र जैन ने एससी वत्स को हराकर जीत हासिल की थी. सत्येंद्र जैन को 51,165, जबकि BJP उम्मीदवार को 43,573 वोट मिले थे. कांग्रेस के देव राज अरोड़ा को महज 3,382 वोट मिले थे.
2015 चुनाव का क्या था रिजल्ट?
साल 2015 के चुनाव में भी सत्येंद्र जैन ने 51,530 वोट प्राप्त किए थे, जबकि BJP के एससी वत्स को 48,397 वोट मिले थे. कांग्रेस के चमन लाल शर्मा को 4,812 वोट मिले थे. 2013 के चुनाव में सत्येंद्र जैन 40,232 वोट प्राप्त कर विजय हासिल की थी, जबकि BJP के श्याम लाल गर्ग को 33,170 और कांग्रेस के एससी वत्स को 18,799 वोट मिले थे.
शकूर बस्ती में कितने वोटर्स?
शकूर बस्ती विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाता 1,56,352 हैं. इनमें से 79,753 पुरुष और 76,594 महिला मतदाता हैं. वहीं, थर्ड जेंडर के 5 मतदाता भी हैं. यह सीट दिल्ली की उन चंद सीटों में से एक है जहां तीन प्रमुख दलों BJP, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की है.
क्या हैं चुनावी मुद्दे?
शकूर बस्ती का इलाका प्रमुख रूप से रानी बाग, सरस्वती विहार, ऋषि नगर, पश्चिम विहार, ज्वाला हेड़ी गांव और बाजार जैसे क्षेत्रों से मिलकर बना हुआ है. इस क्षेत्र में एससी, पूर्वांचली, वैश्य और पंजाबी समुदाय की मिलीजुली आबादी है. यहां के स्थानीय मुद्दों में टूटी सड़कें, सीवर का ओवरफ्लो, जाम और अतिक्रमण प्रमुख हैं. इसके अलावा, इलाके के लोग अवैध रूप से कूड़ा फेंके जाने की शिकायत करते हैं, जिससे उन्हें आने-जाने में दिक्कत होती है.