महंगे हो सकते हैं ATM से पैसे निकालना! बढ़ती तेल कीमतों का असर अब कैश निकासी पर भी पड़ सकता है

Withdrawing Cash from ATMs Could Become More Expensive! Rising Oil Prices May Now Impact Cash Withdrawals as Well.

नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर एक और तरीके से पड़ सकता है। ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बीच ATM से पैसे निकालना भी महंगा हो सकता है। दरअसल, ATM में कैश भरने का काम करने वाली कंपनियों ने बढ़ती लागत का हवाला देते हुए अपने सर्विस चार्ज बढ़ाने की मांग की है।

अगर बैंक इस मांग को मान लेते हैं, तो इसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ सकता है और ATM ट्रांजैक्शन शुल्क बढ़ सकता है।

ईंधन संकट और महंगाई का बढ़ता असर

ईरान से जुड़े तनाव और वैश्विक हालात के कारण कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसका असर पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों पर भी देखा जा रहा है।

ईंधन महंगा होने से:

  • ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ रही है
  • माल ढुलाई और यात्री किराया प्रभावित हो रहा है
  • रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी होती जा रही हैं

अब इसी बढ़ती लागत का असर ATM सेवाओं तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

ATM में कैश भरने वाली कंपनियों ने बढ़ाए शुल्क की मांग

देश में ATM में कैश लोड करने और उसकी सप्लाई संभालने वाली कंपनियों ने Indian Banks Association (IBA) से अपने सर्विस चार्ज बढ़ाने की मांग की है।

इन कंपनियों में शामिल हैं:

  • CMS Info Systems
  • Brink’s India
  • SIS Prosegur

इनका कहना है कि बढ़ती ईंधन कीमतों और ऑपरेशनल खर्चों के कारण ATM सेवाएं चलाना महंगा होता जा रहा है।

क्यों बढ़ रही है कंपनियों की लागत?

कंपनियों के मुताबिक, सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं बल्कि कई राज्यों में न्यूनतम वेतन (Minimum Wage) बढ़ने से भी उनकी लागत बढ़ी है।

इसके अलावा:

  • कैश वैन के संचालन का खर्च बढ़ गया है
  • लंबी दूरी और कई बार अतिरिक्त ट्रिप लगाने पड़ रहे हैं
  • कैश की मांग और सप्लाई में अंतर के कारण लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ रहा है

उद्योग संगठन Currency Cycle Association के अनुसार, ATM कैश रीप्लेनिशमेंट सेवाओं की लागत में 15 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है।

ग्राहकों पर पड़ सकता है अतिरिक्त बोझ

अगर बैंक ATM कंपनियों की मांग मानकर उनके शुल्क बढ़ाते हैं, तो बैंक इस अतिरिक्त खर्च का बोझ ग्राहकों पर डाल सकते हैं।

ऐसी स्थिति में:

  • ATM ट्रांजैक्शन फीस बढ़ सकती है
  • तय सीमा से ज्यादा निकासी पर ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है
  • कैश निकालना पहले के मुकाबले महंगा हो सकता है

हालांकि, अभी तक बैंकों की ओर से शुल्क बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

बैंक और कंपनियों के बीच फैसले पर टिकी नजर

फिलहाल ATM सेवाएं देने वाली कंपनियां और बैंकिंग संस्थाएं इस मुद्दे पर चर्चा कर रही हैं। अब यह देखना अहम होगा कि बैंक इन मांगों पर क्या फैसला लेते हैं और इसका असर आम ग्राहकों पर कितना पड़ता है।

ये खबरें भी अवश्य पढ़े

Leave a Comment