पटना— बिहार सरकार ने हड़ताल पर गए अंचल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए एक साथ 41 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी किया है। सभी निलंबित अधिकारियों पर समान प्रकार के आरोप लगाए गए हैं।
विभाग के अनुसार, इन अंचल अधिकारियों पर मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ का विरोध करने का आरोप है। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री-सह-विभागीय मंत्री के भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में शामिल न होने और विभागीय विशेष कार्यक्रमों का अनादर एवं अवरोध करने की बात भी सामने आई है।
आरोपों में यह भी शामिल है कि मार्च 2026 में महालेखाकार, बिहार और विभाग द्वारा जारी स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना करते हुए आवंटन व्यय और उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके अलावा, राजस्व संग्रहण के निर्धारित लक्ष्य को पूरा नहीं किया गया, जिससे राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
सरकार ने यह भी कहा है कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई, जो न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है। साथ ही, भारत की जनगणना 2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का भी आरोप लगाया गया है।
सरकार की इस कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। निलंबित अंचल अधिकारियों की विस्तृत सूची भी विभाग द्वारा जारी कर दी गई है।



